अयोध्या में आज श्री राम मंदिर के मुख्य शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धर्म ध्वजा फहराएंगे। संघ प्रमुख मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ सहित हजारों गणमान्य लोग इस मौके पर मौजूद रहेंगे। श्री राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के साथ ही यह संदेश भी दिया जाएगा कि मंदिर का निर्माण कार्य संपूर्ण हो चुका है। इस समय पूरी अयोध्या राममय हो गई है। करीब आठ अतिथियों को समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम के मद्देनजर पूरी अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस, सुरक्षा बलों और एजेंसियों की नजर है। अयोध्या की सुरक्षा में 14 एसपी स्तर के अधिकारी और 7000 जवान तैनात किए गए हैं।
अयोध्या ध्वजारोहण समारोह के लिए PM नरेंद्र मोदी को रिसीव करने के लिए योगी आदित्यनाथ सरयू अतिथि गृह से साकेत डिग्री कॉलेज हेलीपैड के लिए रवाना हुए। पीएम मोदी आज श्री राम मंदिर के मुख्य शिखर पर धर्म ध्वजा फहराएंगे। इस मौके पर करीब आठ हजार गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे।
आज अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात पुलिस कर्मियों और सुरक्षा बलों और भक्तों के लिए भंडारा (सामुदायिक भोजन) का आयोजन किया गया है। श्री राम मंदिर पर ध्वजारोहण को लेकर अयोध्या में चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात है। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए साढ़े चार घंटे तक रामनगरी में रुकेंगे। प्रधानमंत्री मोदी राममंदिर के शिखर पर 11 बज कर 55 मिनट पर ध्वजारोहण करेंगे। इसके साथ ही मोदी राममंदिर का निर्माण पूरा होने की घोषणा करेंगे।
श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ऐतिहासिक ‘ध्वजारोहण’ समारोह के लिए अयोध्या में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। रामनगरी के चप्पे-चप्पे पर पुलिस, सुरक्षा बल और एजेंसियों की निगरानी है। हर आने-जाने वाले की जांच की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए यह क्षण उल्लास से भरा हुआ है।
श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ऐतिहासिक ‘ध्वजारोहण’ समारोह पर एएनआई से कहा, ‘राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण होगा। 11:50 बजे ये ध्वजारोहण किया जाएगा। पीएम मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत मौजूद रहेंगे। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे। ध्वज पर कोविदार वृक्ष अंकित और सूर्य तथा ‘ॐ’ अंकित है। भगवा पताका है। ये रंग त्याग और समर्पण का प्रतीक है। 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा तिकोना समकोण त्रिभुज ऐसा एक ध्वज है। समर्पूण संसार को ये दृश्य अपने-अपने टीवी पर देखने को मिलेगा।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रेज़रर गोविंद देव गिरी महाराज ने एएनआई से कहा कि आखिरकार 5 सदियों के बाद वह दिन आ ही गया। सारी तैयारियां पूरी हो गई हैं। CM ने भी कल इंतज़ामों का रिव्यू किया था। सर संघ संचालक मोहन भागवत ने भी कल इंतज़ामों का रिव्यू किया था और उससे वह खुश हुए।
अयोध्या राजवंश का ध्वज त्रेतायुग के बाद दोबारा इस अधिकार में राम मंदिर में पहली बार ध्वजारोहण की तैयारी की गयी है। इसके पूजन का अनुष्ठान चल रहा है, जिसकी पूर्णाहुति मंगलवार को ही होगी। ध्वज को फहराने के लिए सात सौ टन के 44 फीट लंबे ध्वज दंड स्थापित किया जा चुका है। साथ ही शेषावतार मंदिर सहित परकोटे के छह मंदिरों में भी ध्वजारोहण होगा।
पीएम नरेंद्र मोदी राम मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराकर ध्वजारोहण समारोह का शुभारंभ करेंगे। वह साकेत महाविद्यालय से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक भव्य रोड शो भी करेंगे। रोड शो के करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे रामपथ को आठ जोन में विभाजित किया गया है। हर जोन में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पारंपरिक तरीके से थाली, आरती, फूल-माला और नमस्कार मुद्रा के साथ पीएम की अगवानी करेंगी। अलग-अलग समाज और समूहों की महिलाओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि ने बताया कि प्रधानमंत्री ध्वजारोहण के लिए पूरे दिन निराहार उपवास कर पूजा-अर्चना करेंगे। उसके बाद रामलला, राम दरबार में आरती भी करेंगे। पुनः ध्वजारोहण के निर्धारित मुहूर्त पूर्वाह्न 11.58 बजे से मध्याह्न 12.30 बजे के मध्य ध्वजारोहण करेंगे। यह ध्वजारोहण रिमोट सिस्टम से होगा। इसके लिए मैनुअल, इलेक्ट्रिक रिमोट सिस्टम दोनों की व्यवस्था है। ध्वज का निर्माण वैष्णव परम्परा के संतों के विचार विमर्श, शास्त्रों के अध्ययन बाद हुआ है।

