प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रस के पूर्व नेता अश्विनी कुमार ने कहा कि किसी के सारे काम गलत नहीं हो सकते। वहीं विपक्ष का काम है कि सही को क्रेडिट दे और गलत का विरोध करे। उन्होंने कहा कि राजनीति में संकीर्ण मानसिकता वाले लोगों की जगह नहीं होनी चाहिए। यहां ऐसे लोगों की जरूरत है जो सत्ता का इस्तेमाल अपना रुतबा दिखाने के लिए नहीं बल्कि जानता की भलाई के लिए करें।
टाइम्स ऑफ इंडिया के एक कार्यक्रम में बोलते हुए अश्विनी कुमार ने कहा, मैं आजादी के बाद पैदा हुआ। मैं स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार से आता हू्ं। लोग एकता और अखंडता में विश्वास करते थे। मैं किसी विशेष व्यक्ति के लिए नहीं कह रहा हूं लेकिन कहना चाहता हूं कि किसी के पास बेतहाशा ताकत नहीं होनी चाहिए। इसलिए सत्ता का इस्तेमाल केवल जनता की भलाई के लिए होना चाहिए। इसीलिए कहा गया है, ‘जो जरा सी पी के बहक गया, उसे मयकदे से निकाल दो, यहां कम नज़र का गुज़र नहीं, यहां अहले ज़र्फ का काम है।’
उन्होंने कहा कि राजनीति में संकीर्ण मानसिकता वाले लोगों की जरूरत नहीं है बल्कि उदार व्यक्ति की जरूरत है। उन्होंने डॉ, मनमोहन सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी तरह का नेतृत्व चाहिए। पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की तरह का नेतृत्व चाहिए। मैं यह नहीं कह सकता कि इस सरकार में सब कुछ गलत हो रहा है। आपका विपक्ष तभी विश्वसनीय होगा जब आप सही को सही कहेंगे और गलत का विरोध करेंगे।
कांग्रेस पार्टी छोड़ने पर अश्वनी कुमार ने कहा, विचारधारा के मामले में मैं आज भी कांग्रेस पार्टी का बहुत सम्मान करता हूं। खास तौर पर सोनिया गांधी की तारीफ करता हूं। उन्होंने इतने लंबे करियर में भी अपनी विनम्रता को बरकरार रखा है। वह कभी रूड नहीं हुईं। जब वह खुद प्रधानमंत्री बन सकती थीं तब भी उन्होंने प्रधानमंत्री पद के लिए डॉ. मनमोहन सिंह को चुना।
विपक्ष की असफलता को लेकर अश्विनी कुमार ने कहा, कांग्रेस के बिना देश में प्रभावी विपक्ष नहीं हो सकता। लेकिन कांग्रेस कई मामलों में असफल हुई है। कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए। कांग्रेस कि असफलता के पीछे बीजेपी नहीं है। राहुल गांधी सही व्यक्ति हैं, उनके विचार सही हैं लेकिन कई बार उनकी वजह से संदेश गलत चला जाता है।

