राजधानी लखनऊ में गोमतीनगर के तनिष्क शोरूम से हीरे जड़ित सोने के कंगन उड़ाने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। महाराष्ट्र के रहने वाले चार शातिरों ने घटना को अंजाम दिया था। चारों ने लखनऊ आकर पहले शोरूम की रेकी की। फिर अयोध्या धाम जाकर रामलला के दर्शन किए। वहां से लौटने के बाद हीरे वाले चार कंगन उड़ा दिए। चारों शोरूम में ग्राहक बन पहुंचे थे। पूछताछ में बताया कि उनके निशाने पर सराफा कारोबारी ही रहते हैं। इससे पहले भी कई घटनाओं को अंजाम दिया है। कंगन की कीमत करीब 6.61 लाख है।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के मुताबिक गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर-7 स्थित रिषिता मनहट्टन निवासी सुशील कुमार वरुणा रिटेल्स तनिष्क के निदेशक हैं। सुशील ने मुकदमा दर्ज कराया था कि ग्राहकर बनकर आए चार लोगों ने उनके प्रतिष्ठान से हीरे जड़ित दो जोड़ी सोने के कंगन चोरी कर लिए हैं। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी।
इंस्पेक्टर गोमतीनगर बृजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर फुटेज और सर्विलांस की मदद से टप्पेबाजों को ट्रेस किया गया और शनिवार को ग्वारी पुल रेलवे लाइन के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र के मानपाड़ा ठाणे निवासी बदर कुमार, मध्य प्रदेश के बड़वानी निवासी शालुम चिंचॉकर, महाराष्ट्र के रायगढ़ निवासी पांडुरंग गणपत पवार व मंगेश भाऊ के रूप में हुई है।
आरोपियों ने बताया कि 10 दिसंबर को वह लखनऊ के चारबाग के एक होटल में ठहरे थे। उसके बाद गोमतीनगर स्थित तनिष्क के शोरूम रेकी की। रेकी के बाद अयोध्या दर्शन करने चले गए। अयोध्या से लौटने के बाद होटल के कमरे में पहुंचे थे। होटल चेक आउट के बाद 11 दिसंबर को तनिष्क शोरूम में घटना को अंजाम दिया।
आरोपियों ने बताया कि वह सिर्फ ज्वैलरी शोरूम को ही निशाना बनाते हैं। वह शोरूम की रेकी करते हैं। उसके बाद गिरोह के सदस्य दो या तीन लोग के ग्रुप बनाकर शोरू में ग्राहक बनकर कुछ समय के अंतराल में पहुंचते हैं। शोरूम के कर्मचारियों से जेवर दिखाने के बात कहकर उलझा देते हैं। मौका पाकर चोरी करते हैं।

