बिहार में अभी कड़ाके की ठंड नहीं पड़ रही है। लेकिन राज्य के कई जिलों में धीरे-धीरे ठंड बढ़ रही है। खासकर दिन और रात के समय लोगों को ठंड का अहसास हो रहा है। गुरुवार की सुबह पटना समेत कई जिलों में कोहरे का कहर नजर आया है। सुबह से ही कई जिलों में कोहरा छाया हुआ है। पटना में सुबह के वक्त घने कोहरे की वजह से गाड़ियों की रफ्तार भी धीमी हो गई है। हर तरफ कोहरा नजर आया है। पटना के अधिकतम तापमान में दूसरे दिन भी गिरावट से बुधवार को दिन में ठंड का एहसास हुआ। अधिकतम तापमान 0.6 डिग्री की कमी के साथ 22. 8 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार को भी अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई थी।
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों के दौरान पटना समेत पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, गोपालगंज, सीवान, दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मुंगेर, जमुई, भागलपुर, समस्तीपुर, वैशाली और गया में रात एवं सुबह के समय मध्य से घना कोहरा छाए रहना का पूर्वानुमान है। घने कोहरे के कारण राज्य के उत्तर पश्चिमी और उत्तर-मध्य भागों में कम दृष्यता रहने के आसार हैं।
मौसम विज्ञान विभाग ने अनुमान जताया है कि मुजफ्फरपुर में 22 दिसंबर के बाद तेजी से तापमान में कमी आने के संकेत हैं। इससे कनकनी तेजी से बढ़ेगी। विभाग के अनुसार गुरुवार को भी कोहरे जनित धुंध की अधिकता के बीच मौसम साफ रहेगा पर शुष्क बना रहेगा। पूसा स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल जिले में मंद गति से पछिया हवा चल रही है। इस कारण कोहरे का असर भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। इस स्थिति में 21 व 22 दिसंबर को कुछ सुधार होने के आसार हैं।
उसके बाद तेजी से तापमान में कमी आने के संकेत हैं। इससे कनकनी तेजी से बढ़ेगी। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान घटकर एक सप्ताह बाद फिर से सामान्य के 0.2 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया। यह 23 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान अभी भी सामान्य से 1.8 डिग्री नीचे 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
भागलपुर जिले में भी ठंड बढ़ी है। बुधवार को प्राप्त संख्यात्मक मॉडल, उपग्रहीय तस्वीर एवं अन्य मौसमी विश्लेषण से ज्ञात होता है कि उत्तर भारत में 12.6 किमी की ऊंचाई पर करीब 100 समुद्री मील की रफ्तार वाली उपोष्णकटीबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम चल रही है। वहीं शुक्रवार से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है।
इन मौसमी कारकों के प्रभाव से जहां शुक्रवार तक बिहार के उत्तर एवं उत्तर मध्य बिहार के जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है तो वहीं भागलपुर जिले का मौसम साफ रहेगा। इस दौरान जहां दिन के तापमान में एक से डेढ़ डिग्री सेल्सियस की गिरावट होगी तो वहीं रात के तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं होगा। जबकि इस दौरान चार से पांच किमी प्रतिघंटे की औसत रफ्तार से पछुआ हवाओं के चलने का अनुमान है।
पूर्णिया जिले में मौसम की बात करें तो यहां मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल किसी बड़े पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव क्षेत्र पर नहीं है। अगले कुछ दिनों तक सुबह-शाम ठंड और दिन में हल्की गर्माहट का यही सिलसिला जारी रह सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में इस तरह के उतार-चढ़ाव के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनें और दिन में धूप से मिलने वाली गर्माहट का लाभ उठाएं। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को बदलते मौसम में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
पूर्णिया जिले में अचानक ठंड बढ़ने से अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट शुरू हो गयी है। मंगलवार की तुलना में अधिकतम व न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक कमी देखी गयी। बुधवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार तापमान में और गिरवाट आने की संभावना है।
पश्चिम चंपारण में कई स्थानों पर कोहरे का कहर देखने को मिला है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विवि पूसा के मौसम विज्ञान केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. ए सत्तार ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव होने की संभावना नहीं है। सुबह में घना कुहासा छाया रह सकता है। इस दौरान दृष्यता कम रह सकती है। तापमान में भी अधिक फेर-बदल होने की संभावना नहीं है। तीन-चार दिनों के बाद तापमान में कमी दर्ज की जा सकती है। इधर, ठंड बढ़ने के साथ लोग अलाव का सहारा लेने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहर में भी लोग अलाव की व्यवस्था में जुट गये हैं। आशंका है कि दिन में धूप नहीं निकलने पर ठंड में बढ़ोत्तरी हो सकती है।

