हनुमान जी संकटमोचन और बजरंगबली हैं। इनकी पूजा से शारीरिक, मानसिक, आर्थिक या शत्रु संबंधी हर प्रकार के संकट दूर होते हैं। हनुमान जी की पूजा में अलग-अलग तेलों का दीपक जलाने से विशेष फल मिलता है। शास्त्रों और ज्योतिष के अनुसार चमेली का तेल, सरसों का तेल, तिल का तेल और शुद्ध घी का दीपक हनुमान जी को बहुत प्रिय है। विशेष तौर पर मंगलवार या शनिवार को इन तेलों का दीपक जलाने से संकट शीघ्र दूर होते हैं। आइए जानते हैं इन दीपकों के लाभ और सही तरीका।
चमेली का तेल हनुमान जी का सबसे प्रिय तेल माना जाता है। इस तेल का दीपक जलाने से शत्रु बाधा, बुरी नजर और काले जादू का प्रभाव पूरी तरह नष्ट हो जाता है। हनुमान जी को चमेली के तेल का दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार सुरक्षित रहता है। अगर किसी की नजर लग गई हो या शत्रु परेशान कर रहे हों, तो मंगलवार और शनिवार को हनुमान मंदिर में या घर में चमेली के तेल का दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय ‘ॐ हं हनुमते नमः’ मंत्र का जाप करें। यह दीपक संकटमोचन हनुमान जी को शीघ्र प्रसन्न करता है और हर खतरे से रक्षा करता है।
सरसों का तेल मंगल ग्रह से जुड़ा है और हनुमान जी मंगल के अधिदेवता हैं। सरसों के तेल का दीपक जलाने से कुंडली में मंगल दोष शांत होता है। क्रोध, झगड़ा, मुकदमा या दुर्घटना का भय दूर होता है। अगर जीवन में बार-बार रुकावटें आ रही हों या गुस्सा ज्यादा आता हो, तो शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाएं। दीपक में एक लौंग डालकर जलाएं, तो प्रभाव और बढ़ जाता है। व्यापार या नौकरी में बाधा आने पर यह दीपक विशेष लाभ देता है।
तिल का तेल शनि और मंगल दोनों से संबंधित है। हनुमान जी के सामने तिल के तेल का दीपक जलाने से आर्थिक संकट, कर्ज और गरीबी दूर होती है। शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या में यह दीपक बहुत फलदायी है। मंगलवार या शनिवार को तिल के तेल का दीपक जलाकर हनुमान चालीसा पढ़ें, तो धन प्राप्ति के योग बनते हैं। यह दीपक घर की नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है और सुख-समृद्धि लाता है।
शुद्ध घी का दीपक सभी देवताओं को प्रिय है, लेकिन हनुमान जी के लिए यह विशेष शुभ है। घी का दीपक जलाने से संतान सुख, विवाह, नौकरी या स्वास्थ्य संबंधी हर प्रकार की मनोकामना पूरी होती है। यह दीपक हनुमान जी की कृपा को बढ़ाता है और घर में शांति लाता है। मंगलवार को घी का दीपक जलाकर बजरंग बाण पढ़ें, तो हर संकट दूर हो जाता है। घी का दीपक शुद्धता और समृद्धि का प्रतीक है। नियमित जलाने से हनुमान जी सदैव रक्षा करते हैं।
ये सभी दीपक मंगलवार या शनिवार को जरूर जलाएं। दीपक लाल कपड़े पर रखें और दाहिने हाथ से जलाएं। पाठ के बाद दीपक को बुझाएं नहीं, खुद बुझने दें। इन दीपकों से हनुमान जी की कृपा अवश्य मिलेगी और हर संकट दूर होगा।

