अमेरिकी सेना ने गुरुवार रात नाइजीरिया में आतंकी संगठन आईएसआईएस के ठिकानों को निशाना बनाया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया साइट पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी। वह अक्तूबर में ही नाइजीरिया स्थित आतंकियों के ऊपर ईसाइयों को मारने का आरोप लगा चुके हैं। तभी से हमले की चेतावनी दे रहे ट्रंप ने कहा था कि नाइजीरियाई सरकार हिंसा रोकने में असफल रही है, ऐसे में अगर अमेरिका उनका बचाव नहीं करता है तो यह नाइजीरिया के ईसाइयों के लिए अस्तित्व का खतरा होगा।
सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर इस हमले की जानकारी देते हुए ट्रंप ने बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ वॉर द्वारा की गई यह कार्रवाई उन ईसाइयों के लिए थी, जिनकी निर्दयी और क्रूर तरीके से हत्या कर दी गई।
उन्होंने लिखा, “आज रात, कमांडर इन चीफ के तौर पर मेरे निर्देश के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना ने नाइजीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों के खिलाफ एक शक्तिशाली और घातक हमला किया। यह आतंकी मुख्य रूप से निर्दोष ईसाइयों को निशाना बना रहे थे।”
अमेरिकी सेना की अफ्रीकी कमांड ने भी इस एयर स्ट्राइक की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह हमला नाइजीरियाई सरकार के अनुरोध पर किया गया। इसमें कई आतंकी मारे गए हैं।
ट्रंप ने कहा कि उनके नेतृत्व में अमेरिका कभी भी कट्टर इस्लामी आतंकवाद को फलने-फूलने की इजाजत नहीं देगा।
ट्रंप ने लिखा, “मैं पहले से ही इन आतंकवादियों को चेतावनी दे चुका था कि अगर ईसाइयों का कत्लेआम नहीं रोका गया तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी, और आज वही हुआ। डिपार्टमेंट ऑफ वॉर ने कई बेहतरीन हमले किए, यह केवल संयुक्त राज्य अमेरिका ही कर सकता है। मेरे नेतृत्व में हमारा देश कभी भी कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद को पनपने नहीं देगा। भगवान हमारी सेना को आशीर्वाद दे और सभी को… मृत आतंकवादियों समेत क्रिसमस की शुभकामनाएं।”

