उत्तर प्रदेश में इस समय बिजली विभाग की ओटीएस यानी एकमुश्त समाधान योजना चल रही है। इसमें बकाया बिल के ब्याज पर पूरी तरह छूट मिल रही है। पहली बार बिल की राशि पर भी 25 प्रतिशत छूट दी जा रही है। इस बीच आगरा के लोगों को बिजली के साथ पानी और सीवर के बिल में भी इसी तरह छूट आज से लागू हो गई है। शहरवासियों को नगर निगम के जलकल विभाग की ओर से एक तरह से नए साल का तोहफा दिया गया है। गुरुवार से पानी और सीवर के बिल में एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू कर दी गई है। इस योजना के तहत नगर निगम सीमा में रहने वाले जलकल उपभोक्ताओं को शत-प्रतिशत ब्याज माफी का लाभ मिलेगा। इससे बकाया बिलों का बोझ काफी कम होगा। जलकल विभाग के महाप्रबंधक ने उपभोक्ताओं से योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की है।
पानी और सीवर के बिलों पर बढ़ते ब्याज के बोझ को कम करने के लिए नगर निगम के सदन ने ओटीएस लागू करने का प्रस्ताव पारित किया था। जलकल विभाग के महाप्रबंधक एके राजपूत ने बताया कि सदन के निर्णय के बाद सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। एक जनवरी 2026 से योजना को प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। इससे उन उपभोक्ताओं को विशेष लाभ मिलेगा, जिनके बिलों में लंबे समय से ब्याज जुड़ता चला आ रहा है।
कैंप में भी होगा बिल भुगतान: महाप्रबंधक एके राजपूत ने बताया कि ओटीएस लागू होने के बाद सभी जोन प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उद्देश्य है कि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को योजना का लाभ मिल सके।
ओटीएस के प्रचार-प्रसार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में मुनादी शुरू कर दी गई है। मुनादी और अन्य माध्यमों से लोगों को योजना की जानकारी दी जा रही है, ताकि कोई भी उपभोक्ता लाभ से वंचित न रहे।
पानी और सीवर के बिलों में राहत देने के लिए लागू की गई ओटीएस की मॉनिटरिंग स्वयं जलकल विभाग के महाप्रबंधक कर रहे हैं। अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक कर सख्त निर्देश दिए गए हैं। चेतावनी दी गई है कि कार्य में कहीं भी लापरवाही नहीं मिलनी चाहिए।
महाप्रबंधक एके राजपूत ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभिन्न क्षेत्रों में लगाए जाने वाले कैंपों में बिल भुगतान के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान दिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि उपभोक्ताओं की शिकायतें गंभीरता से सुनें और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

