बिहार की राजधानी पटना की सड़कें अतिक्रमण से बेहाल है। शहर के प्रमुख मार्गों पर गाड़ियों के चलने की जगह कम है। आधे से ज्यादा रोड पर ठेला-गोमचा और ई रिक्शा वालों ने घेर रखी है। इससे वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आए दिन पटना की सड़कों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। इसी बीच, प्रशासन ने इस महीने पटना की 26 प्रमुख सड़कों पर कब्जा हटाने का अभियान शुरू किया है। पूरे जनवरी महीने यह अभियान चलेगा।
खबर में लगी तस्वीर शुक्रवार सुबह जीपीओ गोलंबर पर ली गई है। इसमें साफ दिख रहा है कि सड़क के आधे हिस्से पर ठेला और खोमचा लगे हुए हैं। जबकि बाकी जगह पर ई रिक्शा चालकों ने स्टैंड बना रखा है। मुख्य मार्ग पर महज एक चौथाई हिस्सा ही वाहनों के चलने के लिए बचा हुआ है। इसमें एक गाड़ी ही एक बार में निकल सकती है।
शहर की अन्य सड़कों पर भी कमोबेश यही स्थिति रोजाना देखने को मिलती है। जब राजधानी पटना के केंद्र जीपीओ गोलंबर के पास ये हाल तो बिहार के बाकी जिलों के प्रमुख शहरों में सड़कों पर किस तरह की अराजकता फैली है, समझा जा सकता है।
राजधानी की सड़कों से कब्जा हटाने के लिए प्रशासन की ओर से इस महीने विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसकी शुरुआत शुक्रवार से की जा रही है। जानकारी के अनुसार, सड़कों से अतिक्रमण हटाने के लिए 9 टीमों का गठन किया गया है। पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन के अनुसार अभियान के दौरान किसी ने बाधा डाला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पटना शहर में अटल पथ, बोरिगं रोड, बोरिंग-कैनाल रोड, दानापुर रेलवे स्टेशन, गांधी मैदान के पास, गांधी मैदान-पटना सिटी रोड, जेपी गंगा पथ, नेहरू पथ, डाकबंगला चौराहा समेत अन्य प्रमुख मार्गों पर अवैध कब्जा हटाया जाएगा। साथ ही, बांकीपुर, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग और अजीमाबाद, खगौल, फुलवारीशरीफ और दानापुर निजामत में भी विशेष अभियान चलाया जाएगा।

