यूपी में एसआईआर के बाद मंगलवार को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। इसमें बड़ी संख्या में वोटरों की छंटनी हुई है। जिनके नाम कटे हैं उनमें ज्यादातर लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा कई ऐसे लोग भी जो या तो दूसरी जगहों पर शिफ्ट हो गए हैं, या फिर लापता है। बीएलओ जब मौके पर पहुंचे थे तब भी कई मतदाता मौजूद नहीं मिले थे। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में बड़ी संख्या में वोटरों के नाम कटने की खबर से लोगों में हड़कंप मच गया हैं। हालांकि अभी फाइनल वोटर लिस्ट जारी नहीं हुई है। 12 मार्च को फाइनल वोटर लिस्ट जारी होगी। इससे पहले आपको चेक करना होगा कि आपका नाम कटा है या नहीं। नाम चेक करने की प्रक्रिया हम आपको विस्तार से बताएंगे।
वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक करने के लिए सबसे पहले आपको निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in पर क्लिक करना होगा। इसके अपने मोबाइल नंबर या वोटर लिस्ट पर अंकित ईपीआईसी नंबर से लॉगिन करना होगा। इसके बाद एक ओटीपी आएगा। जिसे दर्ज करने के बाद पेज लॉगिन हो जाएगा। इस पेज सबसे नीचे की तरफ Search your Name in voter list के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। फिर अपने वोटर कार्ड पर दर्ज ईपीआईसी संख्या और राज्य दर्ज करना होगा। नीचे की तरफ कैप्चर कोड दिखेगा जिसको खाली बॉक्स में भरना पड़ेगा। इसके बाद सर्च पर क्लिक करेंगे तो एक नया पेज खुलेगा। जिसमें आपको तीन ऑप्शन दिखाई देंगे। पहला ईपीआईसी, दूसरा विवरण और तीसरा मोबाइल। सहूलियत के हिसाब से आप ऑप्शन पर क्लिक कर सकते हैं। अगर विवरण पर क्लिक करके अपना नाम पता करना है तो आपसे नाम, राज्य, जन्मतिथि, आयु, लिंग, जिला विधानसभा क्षेत्र मांगेगा, जिसे आपको भरना होगा। फिर कैप्चर भरकर सर्च पर क्लिक करना होगा। इसके अलावा आप मोबाइल और ईपीआईसी वाला ऑप्शन से भी अपना नाम सर्च कर सकेंगे।
यूपी में मतदाता सूची के एसआईआर की प्रक्रिया के बाद मंगलवार को मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी गई। इसमें दो करोड़ 89 लाख वोटरों के नाम काटे गए हैं। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मंगलवार को बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया के बाद मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इसमें 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता शामिल हैं। पिछले साल 27 अक्टूबर की मतदाता सूची में 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 मतदाता थे। मसौदा सूची में लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं को गिनती के दौरान शामिल नहीं किया जा सका है।
नवदीप रिणवा ने कहा कि अब मसौदा मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां छह जनवरी से छह फरवरी तक दर्ज करायी जा सकेंगी। इस दौरान लोग सूची में नाम शामिल करने, सुधार करने या आपत्ति करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। रिणवा ने आंकड़े जारी करते हुए कहा कि 46.23 लाख मतदाता (2.99 प्रतिशत) मृत पाए गए, जबकि 2.57 करोड़ मतदाता (14.06 प्रतिशत) या तो स्थायी रूप से बाहर चले गये थे या प्रमाणन की प्रक्रिया के दौरान मौजूद नहीं थे। वहीं, 25.47 लाख अन्य मतदाताओं का नाम एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाया गया।

