भगवान शिव को देवों के देव महादेव भी कहा जाता है। उन्हें प्रसन्न करने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं। कोई उनके लिए व्रत रखता है, तो कोई शिवालय जाकर उनकी प्रिय चीजें शिवलिंग में अर्पित करता है। लेकिन वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज जी ने शिव जी को प्रसन्न करने का ना सिर्फ तरीका बताया बल्कि उनके किस नाम का जाप करना चाहिए, यह भी बताया। दरअसल, एक भक्त ने उनसे पूछा कि महादेव कैसे प्रसन्न करें, उनके किस नाम का जाप करें? चलिए जानते हैं महाराज जी ने क्या कहा?
महाराज जी कहते हैं कि महादेव को बिल्व पत्र अर्पित करें। जल अर्पित करें। वो कहते हैं कि अगर मंत्र नहीं आता है, तो गुरु मंत्र द्वारा बिल्व पत्र अर्पित करें। अंदर ही अंदर एक-एक मंत्र जपते हुए बिल्व पत्र अर्पित करें। महाराज जी कहते हैं कि वो तो चुल्लू भर जल से भी प्रसन्न हो जाते हैं। उनकी पूजा में ज्यादा पैसा वाली सामग्री नहीं है।
प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं क जो कोई स्वीकार नहीं करता, वो महादेव स्वीकार करते हैं और वो पद दे देते हैं, जो बहुत दुर्लभ है। शिव जी बड़े कृपालु हैं, आशुतोष हैं, करुणा समुद्र हैं, औघड़दानी हैं। महाराज जी कहते हैं कि उनकी आराधना से ज्ञान, भक्ति, वैराग्य जो चाहे सब प्रदान कर देते हैं।
महाराज जी कहते हैं कि महादेव समस्त वैष्णवों के गुरु हैं, ज्ञानियों के भी गुरु हैं और भक्ति भक्तों के भी गुरु हैं। वो कहते हैं कि कोई भगवान शंकर की निंदा करे और सोचे कि हरि से प्रेम कर लेंगे, कभी नहीं। वो आगे कहते हैं कि कोई हरि की निंदा करे और सोचे भगवान शंकर से प्रेम कर लेंगे, तो कभी नहीं। जो हरि का भक्त होगा, वो हर का भक्त होगा और जो हर का भक्त होगा, तो वो हरि का आदर करेगा।

