लखनऊ शहर के बिलकुल बाहरी हिस्सों से होते हुए एक छह लेनं चौड़ी सड़क आगरा और पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को जोड़ेगी। इस सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य शुरू हो गया है। अभी जिला प्रशासन की ओर से 28 गांव की 421 हेक्टेयर जमीन के लिए करीब 700 काश्तकारों को नोटिस दिया गया है। कुल 40 गांवों की जमीन से होकर यह लिंक एक्सप्रेस वे गुजरेगा। दोनों एक्सप्रेस वे कनेक्ट हो जाने से शहर का ट्रैफिक लोड घटेगा। अभी आगरा एक्सप्रेस वे से आने वाले वाहन अवध चौराहा होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर जाते हैं।
कुछ माह पहले ही प्रदेश सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने के लिए नए ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी थी। इससे शहर के भीतर वाहनों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। दोनों एक्सप्रेस वे से औसतन रोजाना 50 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। इनमें इसमें लगभग 70-75 फीसदी यात्री वाहन (कार, एसयूवी) और शेष 25-30 फीसदी भारी कमर्शियल वाहन (ट्रक, बस) होते हैं। जिलाधिकारी विशाख जी ने अधिग्रहण के लिए यूपीडा के प्रस्ताव पर नोटिस जारी कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार यह लिंक रोड आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लखनऊ के मोहान रोड (सरोसा-भरोसा गांव) के पास से शुरू होगा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के शुरुआती बिंदु गोसाईगंज (चांद सराय गांव) के पास कनेक्ट हो जाएगी। इस लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 49.96 किलोमीटर होगी।
यह मार्ग लखनऊ के बाहरी इलाकों जैसे बंथरा, कुरैनी, कल्ली पश्चिम, और सुलतानपुर रोड के पास से होकर निकलेगा। इस दौरान यह सरोजनीनगर और मोहनलालगंज तहसीलों से गुजरेगा। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने इस प्रोजेक्ट के लिए 4,775 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। यह शुरुआत में 6 लेन का होगा, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित करने का प्रावधान रखा गया है। इसका निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) करा रहा है।
यूपी के एक्सप्रेस वे से अब लोग बिना किसी शहर के बीच से गुजरे प्रदेश के एक से दूसरे छोर तक पहुंच सकेंगे। दिल्ली से ताज एक्सप्रेस वे, फिर आगरा का लिंक मार्ग होते हुए लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे तक पहले ही राह आसान हो चुकी है। अब आगरा और पूर्वांचल एक्सप्रेस वे आपस में जुड़ जाएंगे तो बिहार की सीमा के नजदीक बाहर-बाहर निकल सकेंगे। ऐसे में जिनको आगे पश्चिम बंगाल या पूर्वोत्तर के राज्यों में जाना है, उनको काफी आसानी हो जाएगी।
लखनऊ के अवध अस्पताल चौराहा, बाराबिरवा, कृष्णानगर और शहीद पथ पर लगने वाले भारी जाम से मुक्ति मिलेगी। यह लिंक रोड केवल दो एक्सप्रेसवे को ही नहीं जोड़ेगा, बल्कि बीच में लखनऊ-कानपुर रोड (एनएच-27) और लखनऊ-रायबरेली-प्रयागराज रोड (एनएच-30) को भी इंटरचेंज के जरिए कनेक्ट करेगा। इससे कानपुर, प्रयागराज, और सुलतानपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को भी शहर में घुसने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

