अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही राम जन्मभूमि परिसर की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। इसलिए सुरक्षा के अत्याधुनिक व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यहां तक फेस रीडिंग के बाद ही परिसर में सुरक्षा कर्मियों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों का प्रेवश सुनिश्चित होता है। बावजूद इसके किसी न किसी तरीके से परिसर में संदिग्ध प्रवेश करने की कोशिश करते रहे हैं। कश्मीरी शख्स के नमाज पढ़ने के मामले से अधिकारी सकते में हैं। इससे पहले सात जून को भी नो एंट्री जोन कुबेर टीला तक एक अधेड़ व्यक्ति पंहुच गया था। मामले को लेकर सुरक्षा कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब कर लिया गया था।
कई सुरक्षा एजेंसियों की सहायता से राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था है। कई बैरियरों पर चेकिंग के बाद किसी की श्रद्धालु को मंदिर तक जाने की अनुमति दी जाती है। लेकिन शनिवार दोपहर डेढ़ बजे अहद शेख (56) पुत्र मोहम्मद इस्माइल शेख निवासी गढ़पुरा सोपिया , कश्मीर द्वारा परकोटा (परिक्रमा मार्ग) पर नमाज पढ़ने के मामले से परिसर के सुरक्षा अधिकारी सकते में हैं। क्योंकि अलग तरह का पहनावा होने के बावजूद किसी सुरक्षा कर्मी की नजर उस पर नही पड़ी। हर दस कदम हाई फ्रीक्वेंसी के सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। इससे पहले 5 जून एक अधेड़ प्रतिबंधित क्षेत्र कुबेर टीला तक पहुंच गया था।
क्योंकि राम मंदिर के इलावा परिसर के किसी भी क्षेत्र में अतिरिक्त व्यक्ति का जाना सुरक्षा कारणों से लगभग असंभव है। इस बावजूद एक अधेड़ के अज्ञानतावस कुबेर टीला तक पहुंच जाने के मामले को परिसर के अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था में चूक माना था। परिसर के सुरक्षा अधिकारियों ने बैठक कर संबंधित क्षेत्र के सुरक्षाकर्मियों से स्पष्टीकरण भी मांगा था ।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही कई बार संदिग्ध मेल और फोन काल राम जन्मभूमि के विरोध में आ चुकी है। जिसकी समय -समय पर जांच भी की गई। कैमरे का चश्मा लगाकर अंदर दर्शन करते हुए कई युवकों को पकड़ा भी जा चुका है। इसी के साथ कुम्भ मेले के दौरान परिसर के करीब दो बार अज्ञात ड्रोन कैमरा भी निष्क्रिय किया गया। गाहे- बगाहे आतंकी संगठनों द्वारा धमकी भी दी जाती रही है।
परिसर के सूत्रों के मुताबिक नमाज पढ़ते देख राम भक्त हंगामा कर कार्रवाई की मांग करने लगे। हालांकि पुलिस ने मामले को नियंत्रित किया। जानकारी के मुताबिक लगभग डेढ़ बजे दोपहर को कश्मीरी पहनावे में नमाज पड़ते देख युवकों की टोली भड़क गई वो परिसर में हंगामा करने लगी। हालांकि एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने आक्रोशित युवकों को शांत कराया और संदिग्ध से पूछताछ शुरू की।
जम्मू-कश्मीर से शाल बेंचने आये दो लोग मीडिया और पुलिस की चपेट में आ गए। टेढ़ी-बाजार-दुराही कुआं मार्ग पर रिक्शा सवार इन दो शाल बेंचने वालों से मीडिया ने पुछताछ शुरू की। अफवाह उड़ी कि परिसर में शाल बेंचने वाले तीन कश्मीरी पकड़े गए हैं जबकि दोनों मामले अलग थे। पुलिस ने दोनों को थाने लाकर पूछताछ की व नाम-पते का सत्यापन किया तो पता चला कि शाल बेंचने वाले दोनों नगर कोतवाली के राठहवेली मोहल्ले में रुके हैं।

