भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस एवं औरैया के एकीकृत न्यायालय परिसरों का शनिवार को शिलान्यास किया। इस मौके पर उनके साथ सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। योगी ने कहा कि लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए यह आवश्यक है कि न्यायपालिका भी उतनी ही सशक्त हो। आम आदमी को सरलता और सहजता के साथ न्याय उपलब्ध हो, इसके लिए उत्तम इंफ्रास्ट्रक्चर की भी आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार न्यायिक व्यवस्था से जुड़े किसी भी कार्य में विलंब नहीं होने देती। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले चरण में छह जनपदों के लिए धनराशि भेज दी है। डिजाइन स्वीकृत हो चुका है और सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। शिलान्यास के बाद एलएंडटी जैसी विश्वविख्यात संस्था द्वारा निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक छत के नीचे बने नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स में आधुनिक अधिवक्ता चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधा, स्पोर्ट्स सुविधा, पर्याप्त पार्किंग और कैंटीन की व्यवस्था होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब ऐसे अधिवक्ता नहीं रहेंगे जिन्हें टूटे-फूटे चैंबर में काम करना पड़े या दिन की रोशनी में ही चैंबर में काम करना पड़े। मुख्यमंत्री ने बताया कि चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया के एकीकृत न्यायालय परिसर का निर्माण कार्य आज शुरू होगा। शेष चार जनपदों के लिए सभी औपचारिकताएं कुछ ही महीनों में पूरी कर ली जाएंगी। उन्होंने इसे भारत के न्यायिक इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होने वाला कार्य बताया। इस अवसर पर मुख्य न्यायाधीश द्वारा शिलान्यास किया जाएगा।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इन न्यायालय परिसरों के निर्माण में करीब 1,500 करोड़ रुपये का खर्च आने की संभावना है। चंदौली के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, चंदौली में बनने वाले अदालत परिसर की लागत करीब 236 करोड़ रुपये होगी, जिसमें 37 न्यायालय कक्ष, अधिवक्ताओं के चेंबर, न्यायिक अधिकारियों के आवास और जनपद न्यायाधीश का आवासीय भवन शामिल होंगे। यह परियोजना अप्रैल 2027 तक पूर्ण होने का अनुमान है।

