उत्तर प्रदेश से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां एक गांव का नाम सिर्फ इसलिए बदला गया क्योंकि वहां शादियों में कठिनाई हो रही थी। इसके चलते गांव का नाम उरामुरा किरार से बदलकर हरिनगर कर दिया गया है। पिछले कई सालों से गांव के निवासी नाम बदलने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उरामुरा किरार नाम उनकी पहचान को प्रतिबिंबित नहीं करता है क्योंकि गांव में ‘किरार’ समुदाय की कोई आबादी नहीं है।
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के उरामुरा किरार गांव के किसानों और अन्य निवासियों ने गांव का नाम बदलकर हरिनगर करने के सरकार के फैसले का जश्न मनाते हुए कहा कि आखिरकार, हमारी मेहनत रंग लाई। ठाकुर समुदाय के सदस्य नील कमल ने कहा, “किरार समुदाय के लोग न होने के बावजूद हमारे गांव की पहचान उनसे ही जुड़ी रही है। इस गलतफहमी के कारण सालों से ग्रामीणों को सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।”
गांव में शादी करने में परेशानी हो रही थी इसलिए बदला नाम
ऋषि कुमार जादौन जिन्होंने 2022 में गांव का नाम बदलने का प्रस्ताव भेजा था उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान कहा, “गांव में शादी करने में परेशानी हो रही थी। जो लोग शादी के लिए आते हैं वो सोचते हैं कि हम उनको गुमराह कर रहे हैं। ‘किरार’ शब्द हर जगह लिखा हुआ है और जो लोग शादी के प्रस्ताव लेकर यहां आते हैं, वे सोचते हैं कि हम किरार समुदाय से हैं। हमारे लिए उन्हें हमारी असली पहचान के बारे में समझाना बहुत मुश्किल होता था। ऐसे में हम लोगों को शादी करने में परेशानी होती है।” ग्राम प्रधान नीरज धनराज ने कहा, “पिछले तीन वर्षों से ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि गांव का नाम बदलकर हरिनगर कर दिया जाए।”
उरामुरा किरार गांव को मिला नया नाम
ग्रामीणों के अनुसार, किरार समुदाय के सदस्य राजपूत हैं लेकिन उनका गोत्र अलग है। ग्रामीणों ने राज्य मंत्री जयवीर सिंह से भी इस मामले पर बात की और उनका समर्थन मांगा। फिरोजाबाद के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) गजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि ग्राम प्रधान और अन्य निवासियों द्वारा गांव का नाम बदलकर हरिनगर रखने का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के बाद जिला प्रशासन ने उचित सत्यापन किया। एसडीएम ने कहा, “दस्तावेजों और प्रक्रियाओं से संतुष्ट होने पर प्रस्ताव को राज्य सरकार की मंजूरी के लिए भेज दिया गया है।” एसडीएम ने आगे कहा, “सरकार ने गांव का नाम बदलकर हरिनगर करने की घोषणा कर दी है। हालांकि, जिला प्रशासन को अभी तक इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना प्राप्त नहीं हुई है।”

