बिहार में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) अध्यक्ष नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से राज्य को नया मुख्यमंत्री मिलने की चर्चा के बीच जदयू मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बीजेपी के नेता और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के ‘बड़ा आदमी’ बनने की अटकलों को हवा में उड़ा दिया है। नीतीश इस समय राज्य भर में समृद्धि यात्रा कर रहे हैं। सम्राट चौधरी और विजय चौधरी ज्यादातर यात्रा और सभा में उनके साथ रहते हैं। इन सभाओं में नीतीश कुमार ने कई बार सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर उनसे जनता का इस तरह अभिवादन करवाया है, जिससे लोग अनुमान लगा रहे हैं कि बिहार के अगले मुख्यमंत्री की रेस में नीतीश कुमार का समर्थन सम्राट के साथ है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह समेत कई भाजपा नेताओं ने कह रखा कि नए सीएम के चयन में नीतीश की अहम भूमिका होगी।
भागलपुर की सभा में मंच संचालन कर रहे एंकर ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बता दिया और तब उन्हें बोलने के लिए बुलाया। नीतीश ने वहां भी बाकी सभाओं की तरह सम्राट के कंधे पर हाथ रखा। इन सभाओं में नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के हाव-भाव से बिहार की राजनीति में ‘लव’ के बाद ‘कुश’ की आहट सुनाई दे रही है। भाजपा में मुख्यमंत्री पद की रेस में सम्राट चौधरी के अलावा दूसरे डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, विधायक संजीव चौरसिया, मंत्री दिलीप जायसवाल समेत कई नाम चल रहे हैं। भाजपा में किसी नाम के चलने और दौड़ने का वैसे अब कोई मतलब नहीं है, क्योंकि पार्टी नेतृत्व दिल्ली से किसके नाम की पर्ची थमाकर पर्यवेक्षक को पटना भेज दे, यह बिहार में कोई नहीं जानता।
सम्राट चौधरी के प्रोमोशन को लेकर पिछले एक सप्ताह से बन रहे माहौल को लेकर विजय चौधरी से बुधवार को पत्रकारों ने सवाल किया तो उन्होंने इसे हल्के में उड़ा दिया। विजय ने कहा- “हम वहां (जमुई) थे। इसलिए हमको यह बात मत कहिए। सम्राट चौधरी, नीतीश के साथ डिप्टी सीएम के रूप में काम कर रहे हैं। लगातार वे उनके विश्वस्त सहयोगियों में से एक हैं। नीतीश मीटिंग में कहते रहे हैं। इसमें कोई नई बात नहीं है। आप लोग (मीडिया) इसे नया बनाते हैं। वे तो हर मीटिंग में बोलते हैं कि आगे ये ही लोग देखेंगे।”
नीतीश के साथ साया की तरह रहने वाले विजय चौधरी के बयान को जेडीयू के कद्दावर मंत्री अशोक चौधरी के बयान के साथ रखकर देखें तो कुछ-कुछ संदेह पैदा होता है कि कहीं जदयू में सीएम को लेकर कुछ उहापोह तो नहीं है। अशोक चौधरी ने नीतीश के बेटे निशांत कुमार के डिप्टी सीएम बनने को लेकर पूछे गए सवाल पर मीडिया से कहा था कि निशांत कुछ भी बन सकते हैं। जब नौवीं फेल सीएम पद का दावा कर सकता है तो निशांत तो इंजीनियर हैं।
नीतीश के पद छोड़ने के बाद बिहार एनडीए के सबसे बड़े दल के तौर पर सीएम पद पर भाजपा की स्वाभाविक दावेदारी है। लेकिन, सम्राट चौधरी की ताजपोशी के लगातार बन रहे माहौल के बीच में विजय चौधरी का यह बयान जदयू के अंदर कुछ असहजता का इशारा है। संजय झा क्या सोचते हैं, ललन सिंह क्या चाहते हैं और सबसे अहम नीतीश के मन में क्या चल रहा है, यह समझना इस समय सीएम पद की तुक्केबाजी में जुआ खेलने जैसा ही है।

