पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक टैक्स सेविंग स्कीम है। जहां आप 500 रुपये से 1.5 लाख रुपये तक सालाना निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा ओल्ड टैक्स रिजीम में आपको सेक्शन 80C के तहत आप टैक्स में छूट का भी क्लेम कर सकते हैं। यही वजह है कि निवेशकों के बीच यह स्कीम काफी लोकप्रिय है। क्या आपको पता है कि इस स्कीम में आप 1 प्रतिशत ब्याज पर लोन ले सकते हैं? आइए जानते हैं कैसे
यूं तो PPF एक इन्वेस्टमेंट स्कीम है। लेकिन अगर आप मेच्योरिटी से पहले पैसों की जररूत है तब की स्थिति में आप लोन भी ले सकते हैं। पीपीएफ इन्वेस्टर्स अकाउंट में मौजूदा बैलेंस के आधार पर लोन ले सकते हैं।
ऐसे सभी अकाउंट होल्डर्स लोन ले सकते हैं जिनकी स्कीम प्री-मैच्योरिटी है। यह PPF अकाउंट होल्डर्स को खाता खोलने से तीसरे और छठे साल में पैसा उधार लिया जा सकता है। वह भी कम ब्याज पर।
PPF अकाउंट होल्डर्स को नजदीकी पोस्ट ऑफिस या बैंक से फॉर्म डी लेना होगा। उसमें PPF अकाउंट नंबर और लोन का अमाउंट सहित अन्य डीटेल्स साझा करना है। अपने PPF पासबुक की फोटो कॉपी भी जमा करवाना होगा।
PPF पर लोन अकाउंट ओपनिंग से तीसरे और छठे साल तक उपलब्ध रहेगा। PPF पर लिए गए लोन को 36 महीने में भरना होगा। बता दें, पीपीएफ पर लोन दूसरे साल के अंततक अकाउंट में मौजूद पैसों का 25 प्रतिशत लिया जा सकता है। अगर अकाउंट होल्डर 36 महीने में लोन का पैसा लौटा देता है तब की स्थिति में अकाउंट खोलने के 6वें साल पर फिर से लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
अगर आप PPF लोन लेते हैं तब आपको पहले 36 महीने सिर्फ 1 प्रतिशत ब्याज ही देना पड़ेगा। अगर 36 महीने से अधिक का समय लिया आपने तब आपको 6 प्रतिशत ब्याज देना है। ध्यान देने वाली बात यह है कि लोन के भुगतान पीरियड के दौरान कोई भी ब्याज आपको PPF अकाउंट पर नहीं मिलेगा।

