ईरान युद्ध के बीच होर्मुज का समुद्री रास्ता बंद होने की वजह से पूरी दुनिया के सामने ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है। ईरान ने कहा है कि जब तक स्थायी युद्धविराम पर समझौता नहीं होता, तब तक होर्मुज नहीं खोला जाएगा। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। ट्र्ंप ने कहा कि ईरान पर हमारी जीत हुई है और वह हार चुका है। ऐसे में ईरान की जगह अमेरिका भी तो होर्मुज में शुल्क लगा सकता है। वाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, हम विजेता हैं तो शुल्क लगाने का अधिकार भी हमारे पास है।
बता दें कि होर्मुज के रास्ते ही दुनिया का 20 फीसदी कच्चा तेल आयात-निर्यात होता है। इसी बीच ईरान के पूर्व विदेश मंत्री ने डोनाल्ड ट्रंप को मूर्ख राष्ट्रपति बताते हुए कहा कि उन्होंने देश के इलेक्ट्रिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला करने को कहा है। अरब देशों के शासकों को ट्रंप को सबक सिखाना चाहिए और इस पूरे क्षेत्र को अंधेरे में डूबने से बचाना चाहिए. ट्रंप को समझा देना चाहिए कि वह खाड़ि देशों के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते हैं।
ट्रंप ने कहा है कि उन्हें कई ऐसे संदेश मिले हैं जो बताते हैं कि वहां की जनता अपनी ही सरकार के खिलाफ और ज्यादा हमलों की मांग कर रही है। जब उनसे पूछा गया कि इन हमलों का आम ईरानी नागरिकों पर क्या असर पड़ेगा, तो उन्होंने दावा किया कि ईरानी लोग अपनी आजादी पाने के लिए तकलीफ उठाने को तैयार होंगे। ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की अपनी योजना का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने हर फैसला बहुत सोच-समझकर लिया है। ईरान में शासन परिवर्तन के सवाल पर श्री ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि वहां के लोगों को अपनी सरकार के खिलाफ खड़ा होना चाहिए और इसके नतीजे बहुत अच्छे होंगे।
ट्रंप ने अपनी उस पिछली धमकी की भी पुष्टि की जिसमें उन्होंने ईरान को ‘पाषाण युग में वापस भेजने’ की बात कही थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के पास कोई पुल या पावर प्लांट नहीं बचेगा और वह पूरी तरह तबाह हो जाएगा। अपनी सख्त समय-सीमा के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने बताया कि हालांकि 10 दिन की अवधि आज खत्म हो रही थी, लेकिन उन्होंने इसे कल तक के लिए बढ़ा दिया है। उन्होंने साफ कर दिया कि मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 1 बजे) की नई समय-सीमा खत्म होने के बाद कोई रियायत नहीं दी जाएगी।
ट्रंप ने शर्त रखी कि उन्हें ऐसा समझौता मंजूर होगा जिसमें तेल की बिना रोक-टोक आवाजाही सुनिश्चित हो। होर्मुज जलडमरूमध्य के विवाद पर ट्रंप ने एक नया और चौंकाने वाला विचार पेश किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान को वहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने की अनुमति दी जा सकती है, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। ट्रंप ने कहा, “जीत हमारी है, वे सैन्य रूप से हार चुके हैं।” उन्होंने आगे कहा कि वह चाहते हैं कि जहाजों से टोल अमेरिका वसूले और उनके पास इसे लागू करने के लिए एक ठोस योजना है। राष्ट्रपति ने पूरे आत्मविश्वास के साथ दोहराया कि अमेरिका इस जंग को जीत चुका है और अब शर्तें उनके हिसाब से तय होंगी। (वार्ता से इनपुट्स के साथ)

