अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग से रसोई गैस सिलेंडरों को लेकर शुरू हुई लोगों की दौड़भाग वैसे तो अब काफी हद तक थम गई है। स्थिति सामान्य होती दिख रही है लेकिन आपूर्ति करने वाली कंपनियों की ओर से शादी वाले परिवारों को कमर्शियल सिलेंडर देने के लिए सिक्योरिटी मनी जमा कराने के नियम ने टेंशन बढ़ा दी है। दूसरी ओर घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (LPG) के तमाम उपभोक्ता अब भी ई-केवाईसी कराने और डीएसी नंबर नहीं आने की समस्या से जूझ रहे हैं।
प्रतापगढ़ में शहर से ग्रामीण इलाके तक एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति करने वाली विभिन्न कंपनी की एजेंसियों पर दिखने वाली उपभोक्ताओं की लंबी कतारें कम हो गई हैं लेकिन अब भी एजेंसी की गोदामों पर सुबह-शाम उपभोक्ताओं की भीड़ दिख रही है। इसके अलावा एजेंसी के कार्यालयों पर अब अधिकतर ई-केवाईसी कराने और डीएसी नम्बर नहीं आने से परेशान उपभोक्ता शामिल बताए जा रहे हैं। इसमें सबसे बड़ी समस्या ऐसे उपभोक्ता के लिए हो रही है जिन्होंने रजिस्टर्ड मोबाइल से सिलेंडर की बुकिंग कर ली है लेकिन सप्ताह भर बाद भी उन्हें डीएसी नंबर नहीं दिया गया है। ऐसे तमाम उपभोक्ता अपने रजिस्टर्ड मोबाइल के साथ एजेंसियों पर शिकायत दर्ज कराने पहुंच रहे हैं। इसके अलावा वर्तमान में सिलेंडर की सबसे बड़ी समस्या से जूझने वाले ऐसे परिवार हैं जिनके घरों में चंद दिन बाद शादी अथवा अन्य आयोजन हैं। दरअसल, शादी जैसे आयोजन में नाश्ता, भोजन और मिठाई बनाने वाले कारीगरों ने आठ से 10 सिलेंडर की डिमांड कर रखी है। शादी परिवारों को सहूलियत देने के नाम पर गैस सिलेंडर की आपूर्ति करने वाली कंपनियों की ओर से सिक्योरिटी मनी जमा कर कॉमर्शियल उपलब्ध कराने की छूट दी है।
शर्त यह है कि प्रति कमर्शियल सिलेंडर एजेंसी पर 2400 रुपये बतौर सिक्योरिटी मनी जमा करना होगा। जिसे खाली सिलेंडर लौटाने के बाद वापस कर दिया जाएगा। अब यदि यह मान लिया जाए कि किसी शादी में 10 सिलेंडर की आवश्यकता है तो ऐसे परिवार को 24000 रुपये सिक्योरिटी जमा करना होगा। अब सवाल यह है कि शादी जैसे आयोजन के लिए लोग थोड़े-थोड़े रुपये जुटाकर जरूरी काम करते हैं। ऐसे में 24 हजार रुपये सिलेंडर के लिए जमा करना किसी लिहाज से आसान नहीं है। यही कारण है कि सिलेंडर को लेकर शादी वाले परिवारों की टेंशन बढ़ गई है।
रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग कराने के बाद सप्ताह भर से डीएसी नंबर के लिए भटक रहे उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए गैस की आपूर्ति करने वाली कंपनियों को पहल करनी चाहिए। कारण कनेक्शन लेने के बाद रसोई गैस सिलेंडर प्राप्त करना उपभोक्ता का अधिकार है। ऐसे में यदि उपभोक्ता किसी वजह से परेशान होता है तो यह उसके अधिकारों का हनन है। इसी तरह कंपनियों को ई-केवाईसी के लिए एजेंसियों पर अलग से काउंटर की स्थापना कराना चाहिए जिससे उपभोक्ता को सहूलियत मिल सके।
प्रतापगढ़ के जिला पूर्ति अधिकारी अनुभव त्रिवेदी ने बताया कि एजेंसियों पर रसोई गैस सिलेंडर के लिए जुटने वाली उपभोक्ताओं की भीड़ सामान्य हो चुकी है। शादी वाले परिवारों को शासन के निर्देश के मुताबिक आसानी से कॉमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं का आसानी से सिलेंडर मिलें, इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।

