पश्चिम बंगाल में आज (सोमवार, 4 मई को) हो रही वोटों की गिनती में ताजा रुझान मिलने तक मतुआ समुदाय बहुल 11 विधानसभा सीटों में भाजपा पिछड़ती हुई दिख रही है। 9.50 बजे तक 7 सीटों पर आए रुझानों के मुताबिक, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस बड़ा उलटफेर करते हुए 4 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि भाजपा 2 सीटों पर आगे चल रही है। यह बड़ा उलटफेर दिखता है क्योंकि पिछले विधानसभा चुनावों यानी 2021 के चुनावों में 11 सीटों में से भाजपा ने 10 पर जीत दर्ज की थी, जबकि टीएमसी सिर्फ एक सीट ही जीत पाई थी।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में मतुआ समुदाय (Matua Community) एक अत्यंत निर्णायक अनुसूचित जाति वोट बैंक है। ऐसा माना जाता है कि इस समुदाय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का खासा प्रभाव है। 2026 के विधानसभा चुनाव में भी इस समुदाय पर पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी की पकड़ काफी मजबूत मानी जा रही है। पीएम अक्सर अपने बंगाल दौरे पर इस समुदाय के नेताओं से मिलते रहे हैं और वहां की मंदिर जाते रहे हैं लेकिन ताजा रुझान भाजपा को झटका दे रहे हैं। पीएम मोदी ने बंगाल चुनावों के दौरान 26 अप्रैल को ठाकुरनगर में मतुआ महासंघ के मुख्य मंदिर, ‘ठाकुरबाड़ी’ में पूजा-अर्चना की थी, जो समुदाय के धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में कार्य करता है। यह यात्रा उनकी प्रत्यक्ष पहुंच को दिखाती है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में मतुआ समुदाय हमेशा से चुनावी केंद्र में रहे हैं। राज्य में 11 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जो मतुआ बहुल हैं, जबकि करीब 60 सीटों पर यह समुदाय निर्णायक भूमिका निभाता है। इस समुदाय की आबादी राज्य में करीब 17-18% है। इनका संकेद्रण मुख्यत:उत्तर 24 परगना, नदिया, हावड़ा, दक्षिण 24 परगना और दिनाजपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में है। 2026 के चुनावों में बोंगांव और रानीघाट जैसे क्षेत्र महत्वपूर्ण हैं, जहाँ नागरिकता (CAA/SIR) के मुद्दे के कारण भाजपा और टीएमसी दोनों के लिए ये वोट महत्वपूर्ण हो गए हैं।
हालांकि, पीएम मोदी ने मतुआ समुदाय को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता देने की “गारंटी” दी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि मतुआ समुदाय को डरने की कोई जरूरत नहीं है, वे भारत के सम्मानजनक नागरिक हैं और उन्हें स्थायी पता मिलेगा। मतुआ समुदाय बहुल जो विधानसभा सीटें हैं, उनमें उत्तर 24 परगना जिले की बंगगाँव दक्षिण, बंगगाँव उत्तर, गायघाटा, बागदा, और स्वरूपनगर शामिल हैं, जबकि नदिया जिले के तहत कृष्णगंज, रानीघाट उत्तर पुरबा, हरिणघाटा प्रमुख हैं।

