श्रीराम मंदिर के चढ़ावा विवाद के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। मंदिर में केजरीवाल ने श्रद्धापूर्वक हनुमान चालीसा का पाठ किया और प्रदेश व देश की सुख-समृद्धि तथा शांति की कामना की। दर्शन-पूजन के बाद उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद संत-महंतों का आशीर्वाद लिया और उनसे संक्षिप्त मुलाकात भी की।केजरीवाल के अयोध्या दौरे को श्रीराम मंदिर में चढ़ावे को लेकर चल रहे विवाद के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, हनुमानगढ़ी पहुंचने के दौरान उन्होंने इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया। उनके दौरे के मद्देनजर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
इससे पहले केजरीवाल के अयोध्या दौरे का संत समाज के एक वर्ग ने विरोध किया है। सनातन रक्षक दल, पांडा पुरोहित समाज और कुछ संतों ने बैठक कर उनके खिलाफ प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। विरोध करने वाले संगठनों का कहना है कि अरविंद केजरीवाल को काला झंडा दिखाया जाएगा और उनका पुतला भी फूंका जाएगा। प्रदर्शन राम मंदिर परिसर के गेट नंबर-11 के बाहर करने की घोषणा की गई है। सनातन रक्षक दल के अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने बताया कि संतों और पुरोहित समाज की बैठक में सर्वसम्मति से केजरीवाल के विरोध का फैसला लिया गया।
संतों का आरोप है कि केजरीवाल ने अतीत में भगवान राम और राम मंदिर को लेकर विवादित बयान दिए थे, इसलिए उन्हें अयोध्या आने का नैतिक अधिकार नहीं है। विरोध कर रहे संगठनों का कहना है कि वे अपने कार्यक्रम के माध्यम से केजरीवाल के प्रति नाराजगी दर्ज कराएंगे। पांडा पुरोहित समाज के अध्यक्ष राजेश महाराज ने भी केजरीवाल के दौरे पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति पहले भगवान राम के अस्तित्व और अयोध्या को लेकर सवाल खड़े करता रहा, वह अब दर्शन के लिए क्यों आ रहा है. उन्होंने कहा कि संत समाज और पुरोहित समाज मिलकर उनका विरोध करेगा।
वहीं दूसरी तरफ राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर कर गिरफ्तार कर लिया गया है। आज दोपहर में सभी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। 13 जून को इस मामले में सीएम योगी के आदेश पर एसआईटी का गठन हुआ था। 20 जून को के SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंपी थी।

