भारत और अमेरिका के संबंधों को लेकर राजदूत सर्जियो गोर ने खुलकर बात की है। उन्होंने कहा है कि भारत दुनिया के बेहद मुश्किल इलाके में है। खास बात है कि उन्होंने भारत के पड़ोसियों को लेकर यह बात कही है। हालांकि, उन्होंने किसी भी देश का नाम नहीं लिया है। खास बात है कि यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब दोनों मुल्कों के बीच व्यापार समझौते को लेकर अंतिम दौर की चर्चाएं चल रहीं हैं।
मंगलवार को यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम लीडरशिप समिट में उन्होंने कहा, ‘भारत दुनिया के एक ऐसे हिस्से में है, जहां चुनौतियां बहुत हैं। उसके कुछ पड़ोसी काफी मुश्किल और कड़े हैं और वहां ऐसे लोग हैं जो कब किस मिजाज में जागें और चीजें बदल दें।’
उन्होंने कहा, ‘लेकिन अमेरिका और भारत में बहुत सी चीजें एक जैसी हैं और यही बात अगले कई दशकों तक हमारे रिश्तों को मजबूत बनाए रखेगी। आप कोई भी क्षेत्र चुन लीजिए चाहे वह AI हो, टेक्नोलॉजी हो या एविएशन हो। हर जगह हमारे पास मिलकर काम करने की बहुत बड़ी संभावना है… आने वाले ये दो साल हमारे इस रिश्ते को एक ऐसे रास्ते पर ले जाएंगे, जो अगले कई दशकों तक आगे बढ़ता रहेगा।’
गोर ने मंगलवार को कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में पहुंच चुका है और बातचीत का केवल अंतिम एक प्रतिशत हिस्सा ही बाकी है। उन्होंने भरोसा जताया कि समझौता जल्द अंतिम रूप ले लेगा। उन्होंने बताया कि करीब 18 महीने की वार्ता के बाद यह अब अंतिम चरण में है।
गोर ने कहा, ‘हम इस समझौते के अंतिम चरण में हैं। इसका अधिकतर हिस्सा पूरा हो चुका है। दोनों पक्षों की ओर से कुछ मुद्दे अभी बाकी हैं। बातचीत का केवल अंतिम एक प्रतिशत हिस्सा शेष है।’ उन्होंने कहा, ‘लोग पूछते हैं कि इसमें इतना समय क्यों लग रहा है? हम पिछले डेढ़ साल से इस पर काम कर रहे हैं। तुलना करें तो यूरोप के साथ व्यापार समझौते में 20 वर्ष लगे थे। इसलिए जब तक हम यूरोपीय समझौते से पहले इसे पूरा कर लेते हैं, तब तक हम अच्छी स्थिति में हैं। हालांकि मैं इसे जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।’
राजदूत ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच व्यक्तिगत तालमेल दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ा रहा है। गोर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत यात्रा की बेहद सुखद यादें संजो रखी हैं और वह आज भी उसका जिक्र करते हैं। उन्होंने कहा, ‘उनकी पिछली भारत यात्रा सबसे यादगार यात्राओं में से एक थी, जिसका वह आज भी जिक्र करते हैं। यह यात्रा उनके दिल के बेहद करीब रही है। मैं राष्ट्रपति का दोबारा भारत दौरा होने का इंतजार कर रहा हूं।’
राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अगले कुछ वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य की घोषणा का भी उन्होंने जिक्र किया।

