लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की 22 दिन के अंदर ही कलई खुलकर सामने आ गई। सड़क 8 जगह धंसी है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर मरम्मत कार्य चल रहा है। इसी मरम्मत को बरसात के पानी को सुखाने के लिए पंखा लगाए गए। इस पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव तंज करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा है। अखिलेश यादव ने कहा कि ये है भाजपाई तरक़्क़ी की नई हवा… कुछ दिनों पहले ही जिसका उद्घाटन हुआ हो उस सड़क को मरम्मत की ज़रूरत पड़ गई और एक्सप्रेस स्पीड से मरम्मत को सुखाने के लिए पंखे का इस्तेमाल किया जा रहा है ये भी हास्यास्पद है। 2-3 हफ़्ते में ही जिस एक्सप्रेसवे का दम उखड़ने लगा है उस पर चलने का जोखिम कौन उठाएगा? सवाल ये भी है कि ‘अटल प्रोग्रेस वे’ योजना में ही रहेगा या कभी बनेगा भी… या काग़ज़ों में बनकर उसका ‘हिस्सा-बाँट’ हो चुका है। भाजपा राज में हुआ हर निर्माण चलता कम है… धँसता, ढहता, गिरता ज़्यादा है।
आपको बता दें कि उन्नाव जिले के कुरारी गांव के पास 26 जुलाई को किलोमीटर 64 पर पहली बार सड़क का डामर उखड़ा और उसके अगल-बगल धंसाव हो गया। इसके बाद एक-एक कर अगस्त के पहले सप्ताह तक ही एक्सप्रेसवे की सड़क आठ स्थानों से उखड़ी, जिसमें कई स्थानों पर गड्ढे होने से वह धंसी भी। 14 जुलाई को चालू हुए एक्सप्रेस पर बार-बार आई खराबी के बाद यात्रियों और विशेषज्ञों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए थे। एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक एवं उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कंपनी के साथ-साथ निर्माण की निगरानी करने वाले स्वतंत्र इंजीनियरिंग सलाहकार और परियोजना की देखरेख करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। क्षतिग्रस्त हिस्से की पूरी तरह मरम्मत होने तक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली रोक दी गई है और इस अवधि का पूरा नुकसान पीएनसी से वसूला जाएगा।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण रक्षामंत्री व लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 जुलाई को संयुक्त रूप से किया था। 14 जुलाई की सुबह 08 बजे से एक्सप्रेसवे पर यायातात शुरू कर दिया गया था। पहली बार 26 जुलाई को कुरारी गांव के पास कानपुर से लखनऊ आने वाले मार्ग पर किमी 64 पर सड़क का तारकोल उखड़ा और उसके आसपास सड़क थोड़ी धंस गई। उसके बाद 03 अगस्त तक एक्सप्रेस कुल आठ स्थानों पर उखड़ी। इसमें किलोमीटर 72, 70, 68,, 45.75, 36 और 30.6 शामिल था। किमी 64 पर 200 मीटर लंबे पुल की पूरी सड़क ही उखड़ने से खराब हो गई, जिसे नए सिरे से बनाया जा रहा।

