आजम खान का ड्रीम प्रोजेक्ट कही जाने वाली जौहर यूनिवर्सिटी पिछले कई महीनों से सुर्खियों में है। कभी 38 भवनों को तोड़ने की कार्रवाई तो अब ईडी का छापा भी पड़ा है। आजम खान की ये चर्चित यूनीवर्सिटी सपा सरकार में बनी थी। इसका निर्माण कब हुआ, कितना खर्च आया, कितनी जमीन पर ये यूनीवर्सिटी बनी है और क्या-क्या अब तक कार्रवाई हुई हैं? इसके बारे में पेश है एक रिपोर्ट। आईये इस आर्टिकल में जौहर यूनीवर्सिटी के बारे में जानने की कोशिश करते हैं।
जनवरी 2023 में यूपी सरकार ने जौहर रिसर्च इंस्टीट्यूट की लीज समाप्त कर दी, स्कूल खाली न करने पर मार्च 2023 में भवन सील कर दिया गया। नवंबर 2023 में सरकार ने RPS गर्ल्स विंग का कब्जा अपने हाथ में ले लिया। जुलाई 2024 में खुर्शीद गर्ल्स इंटर कॉलेज को इसी भवन में स्थानांतरित किया गया।
मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का गठन हुआ
राज्य में तत्कालीन सपा सरकार से विश्वविद्यालय का दर्जा मिला
विश्वविद्यालय के लिए किसानों की जमीन लेने, शत्रु संपत्ति और सरकारी जमीन से जुड़े आरोपों में बड़ी संख्या में मुकदमे दर्ज हुए
एसआईटी ने जौहर विश्वविद्यालय की जमीन से जुड़े 28 मामलों में 13 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
26 किसानों ने 35 बीघा जमीन पर अतिक्रमण का मामला दर्ज कराया, मामले की सुनवाई जारी
सरकार ने लीज पर दी गई 170 एकड़ जमीन को वापस लेना शुरू किया, हाईकोर्ट ने मंजूरी दी
यूनिवर्सिटी परिसर में करोड़ों रुपये की नगर निगम की सफाई मशीनें जमीन में दबी हुई मिलीं
भड़काऊ भाषण मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन/मजिस्ट्रेट अदालत) ने उन्हें तीन साल की सजा भी हुई
ईडी की एक टीम जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों की प्रारंभिक पड़ताल करने आई थी
आईटी (आयकर) छापों में 60 करोड़ के बजाय 800 करोड़ के खर्च का खुलासा हुआ, टैक्स चोरी की आशंका जताई गई
आजम खान, उनकी पत्नी और बेटे समेत 13 अन्य लोगों पर अलीगंज के किसानों की जमीन कब्जाने के 22 मामलों में आरोप तय किए
सुप्रीम कोर्ट ने जौहर ट्रस्ट को दी गई सरकारी जमीन की लीज रद करने का फैसला बरकरार रखा
रामपुर जिला प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की 13.8 हेक्टेयर जमीन का कब्जा लिया और दो इमारतों को सील कर दिया
जौहर यूनिवर्सिटी में 1 रुपये करोड़ के हॉस्टल निर्माण घोटाले का खुलासा हुआ, जिसके बाद केंद्र सरकार ने फंड रोक दिया, 93.48 लाख की पहली किस्त, ब्याज सहित, वापस मांगी गई, कार्रवाई के बाद आजम खान को हुआ बड़ा नुकसान

