भाजपा ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं के भविष्य की संभावनाओं को खत्म करना ही कांग्रेस नेता और उनकी पार्टी की सरकारों की असली सोच है।
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी के लिए पितृ सत्ता को खत्म करने का नारा सिर्फ खोखले शब्द और राजनीतिक बयानबाजी है।
यह बयान तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी द्वारा राज्य की वन मंत्री कोंडा सुरेखा को तत्काल प्रभाव से मंत्रिमंडल से हटाए जाने के एक दिन बाद आया है। यह कार्रवाई सुरेखा की बेटी द्वारा मुख्यमंत्री और अन्य लोगों के खिलाफ की गई कुछ टिप्पणियों को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद की गई है।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए बांसुरी ने कहा कि अभी कल ही हमने तेलंगाना में देखा कि कैसे राहुल गांधी की कांग्रेस पार्टी और राज्य सरकार ने अपनी ही एक वरिष्ठ नेता को अपमानित किया और मंत्रिमंडल से हटा दिया।
उन्होंने कहा कि सुरेखा ने कांग्रेस सरकार और तेलंगाना के मुख्यमंत्री पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। मैं पूछना चाहती हूं कि राहुल गांधी अन्याय और ब्लैकमेल के इन आरोपों पर चुप क्यों हैं। शायद इसलिए क्योंकि उनके लिए पितृसत्ता को खत्म करना सिर्फ एक चुनावी जुमला है।
आरोप लगाया कि असल में राहुल गांधी, कांग्रेस और उसकी सरकारों की सोच यह है कि यदि महिलाएं प्रगतिशील हैं तो उनके भविष्य की संभावनाओं को खत्म कर दिया जाए। आपने देखा होगा कि हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक जहां कांग्रेस की सरकारें हैं, में एक भी महिला को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपने लायक नहीं समझा गया।
गत 22 अगस्त को पुणे में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने ‘मनुस्मृति वाली सोच’ की कड़ी आलोचना की थी और छात्राओं से ‘पितृसत्ता को खत्म करने’ का आह्वान किया था।
तेलंगाना मंत्रिमंडल से हटाए जाने के बाद कोंडा सुरेखा ने शुक्रवार को अपने नाम से चल रही इंटरनेट मीडिया पोस्ट से किसी भी तरह के संबंध से इन्कार किया।
सुरेखा ने एक्स पर स्पष्ट किया कि अलग-अलग इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर उनके नाम से चल रही किसी भी खबर या पोस्ट से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
शुक्रवार को सुरेखा के नाम से इंटरनेट मीडिया पर कुछ पोस्ट साझा की गई, जिनमें “जल्द ही बड़ी खबर” और “इंतजार लगभग खत्म” जैसी बातें लिखी गईं थीं।

