उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने राज्य में शहरीकरण को बढ़ावा देने और मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण नए शहर प्रोत्साहन योजना को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। योगी सरकार ने विकास प्राधिकरणों के स्वामित्व वाली कृषि भूमि का भू-उपयोग बदलकर उसे आवासीय करने की प्रक्रिया को सरल और व्यवस्थित बनाने के लिए एक विशेष समिति के गठन का आदेश जारी किया है।
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार भू-उपयोग परिवर्तन का अधिकार अब विकास प्राधिकरण बोर्ड को सौंप दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना के तहत नए शहरों को बसाने और मौजूदा शहरों के विस्तार में आने वाली बाधाओं को दूर करना है।
महायोजना में कृषि के रूप में दर्ज भूमि को आवासीय में परिवर्तित करने के प्रस्तावों का सूक्ष्म परीक्षण करने के लिए एक चार सदस्यीय समिति बनाई गई है। इस समिति के अध्यक्ष संबंधित विकास प्राधिकरण के सचिव होंगे। जिले के जिलाधिकारी द्वारा नामित प्रतिनिधि, मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक द्वारा नामित प्रतिनिधि इसके सदस्य होंगे। संबंधित विकास प्राधिकरण के मुख्य नगर नियोजक या वरिष्ठ नगर नियोजक इसके सदस्य संयोजक होंगे।
यह समिति विकास प्राधिकरण बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले आवासीय परियोजनों के प्रस्तावों का परीक्षण करेगी। इससे नए आवासीय क्षेत्रों के विकास में तेजी आएगी और कृषि भूमि को आवासीय में बदलने की कानूनी प्रक्रियाओं में लगने वाले समय में कमी होगी। यह आदेश विशेष रूप से उन जमीनों पर लागू होगा जो विकास प्राधिकरण के स्वामित्व में हैं और जिन्हें मास्टर प्लान के तहत विकसित किया जाना है।

