प्रयागराज में स्नान कर वापस आने वालों और विकेंट की छुट्टी से नगर में लाखों की भीड़ है। ज्यादा संख्या में श्रद्धालुओं के आवागमन का क्रम गणतंत्र दिवस तक बने रहने का अनुमान रामजन्मभूमि परिसर के सुरक्षा अधिकारियों का है। राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन करने के आंकड़ा शनिवार को एक लाख 95 हजार का था। भीड़ बढ़ने के कारण इन दिनों सात लेन में श्रद्धालुओं की संख्या को विभाजित कर मंदिर तक पहुंचा जा रहा है।
वैसे तो मकर संक्रांति के दिन से रामधाम में श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में है। क्योकि राम मंदिर में इन दिनों एक लाख 70 हजार से लेकर लगभग तीन लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किया है। सरयू तट से लेकर अयोध्या के प्रमुख मंदिरों इन दिनों अधिक संख्या देखी जा सकती है। हनुमान गढ़ी में भी सुबह से लेकर देर शाम तक मंदिर प्रांगण भरा देखा जा सकता है । किसी भी श्रद्धालु को मंदिर तक पंहुचने में आधा से पौन घंटे से अधिक का समय लग रहा है।
सुबह मंदिर खुलने के पहले ही चार बजे से श्रद्धालु कतार में खड़े हो जाते हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक आराध्य के जयकारों से क्षेत्र गुंजायमान रहता है। इसलिए मंदिर के बाहर और अंदर भीड़ प्रबंधन को लेकर व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। इसी के साथ देर रात तक सरयू तट के समीप बने लता मंगेशकर चौराहे पर भीड़ को रील्स बनाते और सेल्फी लेते देखा जा सकता है। देर रात तक राम पथ श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार दिखाई देता है।
राम जन्मभूमि के एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे बताते हैं कि 15 जनवरी से श्रद्धालुओं की संख्या अधिक है। इसलिए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर पहले से ही तैयारियां कर ली गईं थी। सामान्य दिनों में पांच लेन में दर्शन कराया जाता था लेकिन 15 तारीख से भीड़ अधिक होने पर सात लेन में कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं में दो प्रकार की संख्या है पहली प्रयागराज से लौटने वाले और दूसरी प्लांनिग के तहत दर्शन करने वाले भक्त हैं।

