केरला सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 10% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इसके बाद DA और DR की दर 25% से बढ़कर 35% हो गई है। यह फैसला 20 फरवरी 2026 को जारी आधिकारिक आदेश के जरिए लागू किया गया। बढ़ी हुई दरें उन कर्मचारियों और पेंशनर्स पर भी लागू होंगी, जो अभी भी पुराने वेतन और पेंशन स्केल के तहत भुगतान पा रहे हैं। महंगाई के दौर में इस फैसले को लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
सरकार के आदेश के मुताबिक इस बढ़ोतरी का फायदा राज्य सरकार के कर्मचारियों, शिक्षकों, सहायता प्राप्त स्कूलों के स्टाफ, प्राइवेट कॉलेज और पॉलिटेक्निक कर्मचारियों, फुल-टाइम कंटिजेंट कर्मचारियों, स्थानीय निकाय कर्मियों, पेंशनर्स, फैमिली पेंशनर्स और एक्स-ग्रेशिया लाभार्थियों को मिलेगा। इसके अलावा पार्ट-टाइम टीचर्स, पार्ट-टाइम कंटिजेंट कर्मचारी और दोबारा नौकरी कर रहे पेंशनर्स को भी बढ़ी हुई दर का लाभ मिलेगा। यानी यह फैसला काफी बड़े दायरे में लागू होगा और हजारों नहीं बल्कि लाखों लोगों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
जो कर्मचारी अभी भी प्री-रिवाइज्ड पे स्केल के तहत वेतन ले रहे हैं, उनके लिए भी DA की नई दरें तय कर दी गई हैं। अलग-अलग वेतन संशोधन आदेशों के तहत DA में संशोधन किया गया है। इसी तरह प्री-रिवाइज्ड पेंशन स्केल पर पेंशन पाने वालों के लिए DR की दरों में भी समान रूप से बढ़ोतरी की गई है। सरकार का कहना है कि संशोधित दरें संबंधित आदेशों के अनुसार लागू होंगी, जिससे पुराने स्केल पर वेतन और पेंशन पाने वालों को भी बराबर राहत मिल सके।
बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता मार्च 2026 के वेतन के साथ दिया जाएगा, जिसका भुगतान अप्रैल 2026 में होगा। वहीं महंगाई राहत अप्रैल 2026 की पेंशन के साथ दी जाएगी, जिसका भुगतान भी अप्रैल में ही किया जाएगा। हालांकि, बकाया राशि (एरियर) को लेकर सरकार ने कहा है कि इस संबंध में अलग से आदेश जारी किए जाएंगे। यानी कर्मचारियों और पेंशनर्स को एरियर के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है।
सरकार ने यह भी साफ किया है कि राज्य के पीएसयू, सांविधिक निगमों, स्वायत्त संस्थाओं और अनुदान प्राप्त संस्थानों के कर्मचारियों और पेंशनर्स को भी यह बढ़ोतरी मिलेगी, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। जो संस्थाएं राज्य के DA/DR पैटर्न पर पहले से चल रही हैं, वे अपनी वित्तीय स्थिति के हिसाब से बढ़ी हुई दर लागू कर सकती हैं। अगर खर्च उठाने में दिक्कत हो तो पहले सरकार से सलाह लेनी होगी। वहीं जिन संस्थाओं के वेतन या पेंशन का 90% से ज्यादा खर्च सरकारी अनुदान से चलता है, वे मंजूरी के साथ इसे लागू कर सकती हैं। हालांकि KSEB और KSRTC जैसी संस्थाओं पर यह आदेश सीधे लागू नहीं होगा और उन्हें अलग प्रक्रिया अपनानी होगी।

