प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल के उद्घाटन के साथ देश को आधुनिक परिवहन की बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। इसके साथ ही वह देश को भी सौगात दे सकते हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री रैपिड रेल का उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित करेंगे। इस दौरान शताब्दीनगर में एक भव्य उद्घाटन समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद प्रधानमंत्री मेरठ साउथ स्टेशन के पास एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम को दो मुख्य हिस्सों में बांटा गया है।
कार्यक्रम की शुरुआत शताब्दीनगर में होगी, जहां लगभग 20 से 30 मिनट का मुख्य उद्घाटन सत्र रखा गया है। यहां प्रधानमंत्री रैपिड की सुविधाओं का जायजा लेंगे और उसे हरी झंडी दिखाएंगे। उसके बाद छात्र-छात्राओं संग यात्रा में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। उद्घाटन के पश्चात प्रधानमंत्री जनसभा को संबोधित करेंगे। लगभग एक घंटे तक चलने वाले इस संबोधन में पीएम देश के लिए कई नई विकास योजनाओं की घोषणा कर सकते हैं।
शहरवासियों को 22 फरवरी को देश की सबसे तेज रफ्तार से दौड़ने वाली मेट्रो ट्रेन की सौगात मिलने जा रही है। मेट्रो-नमो भारत में आने-जाने के लिए सिर्फ स्टॉपेज ही नहीं होंगे, बल्कि मेट्रो स्टेशन क्रांति गाथा भी कहेंगे। मेट्रो स्टेशन पर क्रांतिगाथा के किए डिस्पले को देख वीर अमर क्रांतिकारी शहीदों की शहादत पर गर्व का अहसास होगा। मेरठ के प्रमुख स्पोर्ट्स गुड्स एवं वाद्य यंत्र की झलक भी दिखेगी। वन्य जीव प्रेम भी मेट्रो स्टेशनों पर झलकेगा।
भैंसाली स्टेशन पर देश-दुनिया में जिन वाद्य यंत्रों की बदौलत मेरठ की अलग ही पहचान है, उनकी वॉल पेटिंग भी की गई है। शताब्दीनगर स्टेशन का नजारा तो कुछ अलग ही दिखेगा। यहां प्रकृति और वन्य जीव प्रेमियों को अलग अनुभव होगा।
प्रदूषण और ट्रैफिक में कमी : यह सड़कों से ट्रैफिक कम करेगा, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी।
– आर्थिक विकास : यह सैटेलाइट शहरों और दिल्ली के बीच यात्रा को और आसान बनाकर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।
– सुरक्षित और तेज सफर : यह यात्रियों के लिए एक सुरक्षित, भरोसेमंद सफर प्रदान करेगा। तेज गति से चलने से लोगों का समय बचेगा।
– दोनों का एक ही ट्रैक : शहर में एक ही ट्रैक पर मेट्रो-नमो भारत दौड़ेगी।

