प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तेल बचाने की अपील के बाद सरकार बड़े पैमाने पर सक्रिय हो गई है। इसी क्रम में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को एक इमरजेंसी मीटिंग की। इस बैठक में मंत्रियों का वह ग्रुप भी शामिल हुआ, जिसे पश्चिम एशिया में उपजे हालात पर नजर रखने के लिए तैयार किया गया है। यह बैठक, इस क्षेत्र के ताजा हालात और इससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। इससे पहले पीएम मोदी ने रविवार को हैदराबाद में रैली के दौरान सभी भारतीयों से तेल की बचत करने का आह्वान किया था। इस दौरान उन्होंने वैश्विक हालात के चलते पैदा हुई ऊर्जा संकट को लेकर एहतियाती कदम उठाने की अपील की थी। पीएम मोदी ने कहाकि वर्तमान संकट सिर्फ सरकार के लिए चुनौती नहीं है, बल्कि नेशनल कैरेक्टर का टेस्ट है।
पीएम मोदी ने क्या कहा था
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को भाजपा की तेलंगाना इकाई द्वारा यहां आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल और डीजल का विवेकपूर्ण उपयोग करने, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिकतम उपयोग, पार्सल भेजने के लिए रेल सेवाओं का उपयोग और घर से काम करने जैसे उपायों का सुझाव दिया। मोदी ने कहा कि युद्ध के कारण पेट्रोल और उर्वरक की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि जब आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव होता है, तो संकट से निपटने के विभिन्न उपायों के बावजूद मुश्किलें बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहाकि इसीलिए, वैश्विक संकट के दौरान, देश को सर्वोपरि रखते हुए, हमें संकल्प लेने होंगे।
कोरोना काल का हवाला
पीएम मोदी ने कहाकि हमने कोरोना काल में घर से काम करना, डिजिटल माध्यम से बैठक, वीडियो कॉन्फ्रेंस और कई अन्य तरीके विकसित किए हैं। हम इनके अभ्यस्त हो गए हैं। इस समय की आवश्यकता है कि हम इन तरीकों को फिर से शुरू करें। संकट के चलते विदेशी मुद्रा बचाने की जरूरत पर जोर देते हुए मोदी ने एक वर्ष के लिए सोने की खरीद और विदेश यात्राओं को स्थगित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहाकि हमें हर हाल में विदेशी मुद्रा बचानी होगी। उन्होंने विदेशी मुद्रा बचाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खाद्य तेल की खपत कम करने, रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने, प्राकृतिक खेती और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया।
अश्विनी वैष्णव ने दोहराई बात
इसके बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहाकि पश्चिम एशिया युद्ध के जल्द थमने के आसार नहीं दिखने की वजह से नागरिकों से विदेशी मुद्रा भंडार को बचाकर रखने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आग्रह किया गया है। वैष्णव ने यहां उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वार्षिक व्यापार सम्मेलन में कहा कि हालिया घटनाक्रम को देखते हुए पश्चिम एशिया में संघर्षविराम अभी बहुत दूर नजर आ रहा है। वैष्णव ने कहाकि संकट की इस घड़ी में नागरिकों को भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। उन्होंने कहाकि हम नागरिकों के रूप में अपने जीवन और कामकाज में ऐसे उपाय पहचान सकते हैं, जिनसे विदेशी मुद्रा की बचत हो सके। साथ ही हमें विदेशी मुद्रा अर्जित करने के प्रयास भी बढ़ाने चाहिए।
भड़का हुआ है विपक्ष
वहीं, पीएम मोदी की अपील पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष के विभिन्न नेता भड़के हुए हैं। राहुल गांधी ने सोमवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनता से सोना नहीं खरीदने, पेट्रोल का कम उपयोग करने आदि कुछ अपील की हैं जो उनकी नाकामी का सबूत है तथा अब देश चलाना उनके बस की बात नहीं है। कांग्रेस नेता ने यह भी कहाकि प्रधानमंत्री हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि मोदी जी ने कल जनता से त्याग की मांग की कि सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल का कम उपयोग करो, खाद और खाने का तेल कम उपयोग करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। उन्होंने दावा किया कि ये उपदेश नहीं बल्कि नाकामी के सबूत हैं।

