सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को टाटा ग्रुप की कंपनी- टाटा स्टील के शेयर बिकवाली मोड में नजर आए। इस कंपनी के शेयर की कीमत में करीब 3% की गिरावट आई और यह 203 रुपये के स्तर पर आ गया। हालांकि, इस शेयर के लिए ब्रोकरेज जेएम फाइनेंशियल बुलिश है और इसने टारगेट प्राइस तय किया है।
टाटा स्टील के शेयर पर ब्रोकरेज ने अपनी ‘खरीदें’ रेटिंग बरकरार रखी है। इसके साथ ही 12 महीने का टारगेट प्राइस 255 रुपये तय किया है। इस टारगेट का मतलब है कि शेयर में करीब 20% तक की बढ़त की गुंजाइश है। बता दें कि टाटा स्टील शेयर के 52 हफ्ते का हाई 224.40 रुपये है। शेयर की यह कीमत बीते 5 मई को थी। कहने का मतलब है कि शेयर 52 हफ्ते के हाई से डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है। शेयर के 52 हफ्ते का लो 149.70 रुपये है।
ब्रोकरेज ने बताया कि टाटा स्टील ने मार्च तिमाही में 9,946 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड एबिटा दर्ज किया। यह उसके 9,570 करोड़ रुपये के अनुमान से अधिक था। भारत में ज्यादा मुनाफा और यूरोप में बेहतर प्रदर्शन से कंपनी की कमाई को सहारा मिला। ब्रोकरेज ने बताया कि भारत में स्टैंडअलोन एबिटा प्रति टन Q3FY26 के लगभग 13,600 रुपये से बढ़कर मार्च तिमाही में लगभग 15,900 रुपये हो गया।
पिछले तिमाही के लगभग 60 लाख टन के मुकाबले मार्च तिमाही में वॉल्यूम बढ़कर 62 लाख टन हो गया। ब्रोकरेज जेएम फाइनेंशियल ने यह भी कहा कि इस तिमाही के दौरान टाटा स्टील यूरोप का एबिटा पॉजिटिव हो गया। कोक ओवन परमिट से जुड़ी अनिश्चितता के बावजूद टाटा स्टील नीदरलैंड मुनाफे में रही। टाटा स्टील UK में घाटा पिछली तिमाही के मुकाबले कम हुआ।
ब्रोकरेज ने आगे कहा कि टाटा स्टील ने दिसंबर 2025 के लगभग 81,800 करोड़ रुपये के नेट कर्ज को मार्च 2026 तक घटाकर लगभग 80,100 करोड़ रुपये कर दिया। मजबूत कैश जेनरेशन और वर्किंग कैपिटल के इस्तेमाल से इस कमी में मदद मिली। कंपनी ने FY26 में लगभग 10,800 करोड़ रुपये की लागत बचत की। उसने FY27 में 7,100 करोड़ रुपये की और बचत का अनुमान दिया है।
बता दें कि पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 10,885.82 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया, जो वर्ष 2024-25 के 3,173.78 करोड़ रुपये से तीन गुना से अधिक है। कुल आय बढ़कर 2,33,541.72 करोड़ रुपये हो गई जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2,20,083.04 करोड़ रुपये थी।

