लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। रायबरेली में बहुजन स्वाभिमान सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने देश में एक बड़े आर्थिक संकट की भविष्यवाणी की। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गलत नीतियों के कारण आगामी दो-तीन महीनों में देश को एक तगड़ा झटका लगने वाला है। पीएम मोदी एक बार फिर उसी तरह रोने वाले हैं जैसे नोटबंदी के समय रोए थे। वह कहने वाले हैं कि गलती मेरी नहीं है, लेकिन गलती उनकी ही है। उन्होंने देश के सिस्टम को बेच दिया है।
राहुल गांधी ने जनता को आगाह करते हुए कहा कि अगले दो से तीन महीनों में देश के भीतर एक बड़ा आर्थिक तूफान आने वाला है। जब यह संकट गहराएगा, तब नरेंद्र मोदी और हिंदुस्तान की सरकार आपको इससे नहीं बचा पाएगी। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि मुसीबत आने पर वे आपके सामने आकर रोएंगे और कहेंगे कि इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। लेकिन मैं आपको आज ही बता रहा हूं कि इस बर्बादी की पूरी गलती सिर्फ नरेंद्र मोदी, अमित शाह और आरएसएस की है, क्योंकि इन लोगों ने मिलकर देश के संविधान और संस्थाओं को खत्म कर दिया है।
प्रधानमंत्री पर सीधा हमला जारी रखते हुए राहुल गांधी ने क्रूड ऑयल और उद्योगपतियों के गठजोड़ का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव से ठीक पहले देश की जनता से वादा किया गया था कि पेट्रोल और रसोई गैस के दाम नहीं बढ़ेंगे और इनकी कोई कमी नहीं होगी। लेकिन आज हकीकत सबके सामने है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब देश में पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, तब अंबानी रूस से सस्ता तेल खरीदकर उसे हिंदुस्तान की जगह बाहर के देशों में बेच रहे हैं। उस मुनाफे के पैसे से वे नरेंद्र मोदी की राजनैतिक फंडिंग करते हैं, यही आज के भारत की कड़वी सच्चाई है।
राहुल गांधी ने कहा कि आने वाले समय में देश के किसानों के पास खाद तक उपलब्ध नहीं होगी। कुछ ही महीनों में महंगाई आसमान छूने लगेगी और पेट्रोल, डीजल, खाद्य तेल, गैस, दाल व चावल के दाम आम जनता की पहुंच से बाहर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश की जनता से खुलकर कहते हैं कि विदेश मत जाएं, सोना न खरीदें और केवल इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदें। वे खुद तो हजारों करोड़ रुपये के आलीशान निजी जहाजों में बैठकर लगातार विदेश यात्राएं करते हैं, लेकिन देश के मध्यम वर्ग और गरीबों को सोना न खरीदने और विदेश न जाने की नसीहतें देते हैं।
आने वाला समय बहुत मुश्किल होने वाला है। ऐसी महंगाई होगी, जो आज तक देश ने नहीं देखी होगी। देश में खाद की कमी हो जाएगी। तेल और गैस की सप्लाई रुक जाएगी। लेकिन इस आर्थिक तूफान का असर अडानी-अंबानी और नरेंद्र मोदी पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि वो अपने महलों में बैठे रहेंगे। अगर इस आर्थिक तूफान का झटका किसी को लगेगा तो वह देश की आम जनता होगी।
राहुल ने कहा कि संविधान कहता है कि पब्लिक सेक्टर होना चाहिए। आरक्षण होना चाहिए। लोगों के साथ न्याय होना चाहिए। स्वतंत्र मीडिया होना चाहिए। लेकिन लेकिन ये सब नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने तबाह कर दिया है। पब्लिक सेक्टर को प्राइवेटाइज कर दिया है। मनरेगा को ख़त्म कर दिया, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में RSS के लोगों को बैठा दिया, जिन्हें कुछ नहीं आता। संविधान कहता है- हर नागरिक को वोट का अधिकार होना चाहिए, लेकिन नरेंद्र मोदी ने SIR के जरिए लोगों से ये अधिकार भी छीन रहे हैं।

