केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी बुक ‘अपनापन’ की लॉन्चिंग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके टेक्नोलॉजी प्रेम पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जानते थे कि भारत के विकास में टेक्नोलॉजी की कितनी जरूरत होगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्हें विधायकों और सांसदों को सोशल मीडिया पर सक्रिय कराने के आदेश दिए थे।
शिवराज सिंह चौहान ने इस दौरान पूर्व में हुई एक बैठक का भी जिक्र किया, जिसमें ईमेल पर चर्चा छिड़ी थी। उन्होंने कहा, ‘नरेंद्र भाई प्रभारी बनकर आए। मैं प्रदेश का महामंत्री था। एक बैठक हुई चुनाव की तैयारी की। उस बैठक में नरेंद्र भाई ने पूछा कि ये बताओ किसके पास ई मेल आईडी है? अब यहां तो ईमेल आईडी से कोई वास्ता ही नहीं है। लोग एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। एक क्षण सन्नाटा। फिर बाबूलाल जी गौर कहने लगे कि नरेंद्र भाई ये क्या फीमेल फीमेल कर रहे हो। ये फीमेल ईमेल से क्या होने वाला है। यह कहकर वह हंसने लगे। कुछ लोगों के चेहरे पर भी व्यंगात्मक भाव थे।’
उन्होंने कहा, ‘…मैं युवा मोर्चा के अध्यक्ष के नाते उनसे मिलने जाता था, तो मैं अभी तक मुझे याद है कि कानों पर उनके मफलर बंधा रहता था और कंप्यूटर पर काम करते रहते थे। उनको पता था कि आज अगर भारत का भाग्य बनाना है, विकसित भारत का निर्माण करना है, तो टेक्नोलॉजी बहुत जरूरी है। …वह बहुत समय से बहुत पहले दूर की देख लेते हैं। आने वाले चीजों को भांपते हैं और उसकी व्यवस्था करने का काम करते हैं।’
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘जब मेरे जैसे कार्यकर्ता महत्व ही नहीं देते थे कि ये सोशल मीडिया में क्या रखा है। तब उन्होंने मुझे बुलाकर कहा कि हर विधायक और सांसद से कह दो कि 50 हजार से कम फॉलोअर हुए तो खतरा है, टिकट नहीं मिलेगा। जनता को जोड़ने के लिए जरूरी है। …नरेंद्र भाई है दूर दृष्टा, जिन्होंने एआई का समिट यहां किया। दुनिया भर के एआई जानने वालों को यहां बुलाने का काम किया।’
चौहान ने ‘अपनापन’ नामक इस पुस्तक में प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने 35 वर्षों के संबंधों और अनुभवों का वर्णन किया है। चौहान ने अपनी नयी किताब में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘असाधारण गर्मजोशी और संवेदनशीलता’ ने उन्हें 2023 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले एक बड़े राजनीतिक संकट से उबारने में मदद की।

