घरेलू वायदा बाजार यानी MCX में सोमवार, 1 जून 2026 को सोने के दाम दबाव में खुले। मजबूत डॉलर और ऊंचे कच्चे तेल के दामों ने सोने की चमक फीकी कर दी। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर जारी अनिश्चितता पर भी निवेशकों की नजर बनी रही।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में सुबह 9:28 बजे के आसपास 0.84 प्रतिशत यानी 1516 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई और यह 1,59,533 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी के भाव में 0.34 प्रतिशत या 910 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई।
अमेरिकी बाजार में भी सोने की कीमतों पर दबाव देखा गया। मजबूत डॉलर और बढ़ते तेल दामों के चलते अमेरिकी गोल्ड वायदा 0.8 प्रतिशत गिरकर 4,558.10 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर आ गया।
डॉलर इंडेक्स में लगभग 0.20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मजबूत डॉलर के कारण दूसरी करेंसी वाले खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे मांग प्रभावित होती है। दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में 2 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया। इसके पीछे अमेरिका-ईरान समझौते पर लगातार बनी अनिश्चितता मुख्य वजह रही।
तेल के ऊंचे दाम मुद्रास्फीति के ऊंचे स्तर पर बने रहने का जोखिम पैदा करते हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर मौद्रिक नीति सख्त किए जाने की आशंका बलवती होती है और सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्ति पर दबाव बढ़ता है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान ने मसौदा समझौते में बदलाव को लेकर संदेशों का आदान-प्रदान किया। इस प्रस्तावित डील का उद्देश्य सीजफॉयर को विस्तार देना और होर्मुज स्ट्रेट को व्यापार के लिए खोलना है, लेकिन यह साफ नहीं हो पाया कि दोनों पक्षों के बीच कोई खास प्रगति हो रही है या नहीं।
इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि उनकी प्रस्तावित डील स्पष्ट रूप से यह सुनिश्चित करती है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा। इस भू-राजनीतिक घटनाक्रम ने बाजार की धारणा को प्रभावित रखा, जिसका असर सोने की कीमतों पर पड़ा।

