अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कृषि और औद्योगिक उपकरणों के आयात पर बड़ा फैसला लिया है। ट्रंप प्रशासन ने कई तरह के एग्रीकल्चर और इंडस्ट्रियल मशीनरी पर लगने वाले आयात शुल्क को 10 फीसदी घटा दिय है। अब यह 25 फीसदी से घटकर 15 फीसदी हो गया है। यह राहत अगले साल के अंत तक लागू रहेगी। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इस कटौती का मकसद उत्पादकों के लिए लागत कम करना है। इसके साथ ही अमेरिका के कृषि क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना है।
इस फैसले से उन औद्योगिक उपकरणों का दायरा भी बढ़ गया है, जो 15% की कम टैरिफ रेट के लिए पात्र हैं। फैसले के बाद कंबाइन, हार्वेस्टर और दूसरे खेती से जुड़े उपकरणों पर आयात शुल्क घटेगा तो बुलडोजर, फोर्कलिफ्ट और दूसरी मोबाइल औद्योगिक मशीनरी को भी कम टैरिफ का फायदा मिलेगा। ट्रंप प्रशासन ने घरेलू स्टील और एल्यूमीनियम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक और खास प्रावधान भी किया है। इसके तहत विदेशी कंपनियां अपने उपकरणों पर सिर्फ 10 फीसदी टैरिफ का फायदा उठा सकेंगी। हालांकि, इसके साथ एक शर्त भी है।
ट्रंप प्रशासन ने शर्त ये रखी है कि मशीनरी में इस्तेमाल होने वाला कम से कम 85 फीसदी स्टील या एल्यूमीनियम अमेरिका में तैयार किया गया हो। मतलब ये कि मशीन के ज्यादातर हिस्से पर अमेरिकी प्रोडक्ट का प्रभाव रहेगा। ट्रंप सरकार के मुताबिक स्टील का मेल्टिंग और पोरिंग अमेरिका में होना जरूरी होगा जबकि एल्यूमीनियम की स्मेल्टिंग और कास्टिंग भी घरेलू स्तर पर ही जरूरी है।
व्हाइट हाउस ने कहा कि ये अस्थायी राहत दिसंबर 2027 तक लागू रहेंगे। इनका मकसद नजदीकी भविष्य के निवेश को तेज करना और अमेरिका के औद्योगिक आधार को फिर से खड़ा करने में मदद करना है। व्हाइट हाउस के बयान में कहा गया है कि डोनाल्ड ट्रंप ने स्टील, एल्यूमीनियम और कॉपर पर टैरिफ का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा, अहम उद्योगों को मजबूत करने के लिए किया है।
हाल ही में ये खबरें भी आई हैं कि डोनाल्ड ट्रंप, सभी कारोबारियों को टैरिफ रिफंड की अनुमति देने वाले अदालत के आदेश के खिलाफ अपील करने पर विचार कर रहे हैं। दरअसल, अमेरिका की शीर्ष अदालत के एक फैसले के बाद बड़े और छोटे कारोबारों को टैरिफ रिफंड मिलना शुरू हो गया है। शीर्ष अदालत ने फैसले में कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास लगभग हर दूसरे देश से आने वाले सामान पर अधिक आयात कर लगाने का संवैधानिक अधिकार नहीं है। हालांकि, यह प्रक्रिया थम सकती है क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने कहा कि सरकार संघीय न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ अपील करने के बारे में सोच रही है। बता दें कि आदेश में न सिर्फ मुकदमा करने वाली कंपनियों बल्कि अमान्य शुल्क का भुगतान करने वाली सभी कंपनियों को रिफंड लेने की इजाजत दी गई।

