मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव बेहद दिलचस्प होने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में चुनावी दौर से गुजर रही तीसरी सीट पर भी अपना उम्मीदवार उतार दिया है। इसके साथ ही मुकाबला दिलचस्प हो गया है, क्योंकि भाजपा के पास तीसरी सीट जीतने पर्याप्त वोट नहीं है। खास बात है कि यहां पार्टी का मुकाबला कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन से होने जा रहा है। ऐसे में अब क्रॉस वोटिंग की अटकलें तेज हो गईं हैं।
भाजपा के शासन वाले एमपी की तीन सीटों पर राज्यसभा चुनाव होना है। भाजपा ने पहले ही दो सीटों पर महासचिव तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतारा था। दोनों नेताओं ने शनिवार को नामांकन दाखिल भी कर दिया है। अब पार्टी ने रविवार को ही दांव चला और मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को तीसरी सीट पर उतार दिया।
भाजपा के तीसरे उम्मीदवार के नाम की घोषणा से पहले भोपाल में मुख्यमंत्री आवास पर पार्टी नेताओं ने एक बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। पीटीआई भाषा के मुताबिक, पार्टी सूत्रों ने बताया कि इसी बैठक में तीसरे उम्मीदवार के रूप में केवट को मैदान में उतारने की सहमति बनी, जिसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने इसे हरी झंडी दिखाई।
एमपी विधानसभा में 64 विधायकों वाली कांग्रेस के लिए तीसरी सीट पर जीत आसान है। हालांकि, अब जब भाजपा ने भी केवट को प्रत्याशी बनाकर दावेदारी पेश कर दी है, तो मुकाबला कांटे का हो सकता है। अब अगर कांग्रेस विधायक क्रॉस वोट करते हैं, तो भाजपा के लिए जीत की राह तैयार हो सकती है। ऐसे में पहले तय मानी जा रही नटराजन की सीट मुश्किल में पड़ सकती है। 18 जून को इस सीट पर मतदान होने जा रहा है।
मध्य प्रदेश विधानसभा में सदस्यों की संख्या 230 पर है, लेकिन वोट सिर्फ 228 ही डाल पाएंगे। इसकी वजह विजयपुर के विधायक मुकेश मल्होत्रा के वोट देने पर रोक और बीना एमएलए निर्मला सप्रे का रुख साफ नहीं होना है। इन दो वोटों का नुकसान भी कांग्रेस को ही होता नजर आ रहा है। एक सीट भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के पास है और एक सीट खाली है। दरअसल, भाजपा के पास 164 विधायक हैं। जबकि, कांग्रेस के मामले में यह आंकड़ा 64 है, लेकिन वोट 62 ही हैं।
इस लिहाज से एक उम्मीदवार को जीत के लिए कम से कम 58 वोट अपने नाम करने होंगे। अब 164 सीटों वाली भाजपा के लिए 2 सीटों पर तो जीत तय है, लेकिन तीसरी के लिए 10 और मतों की जरूरत होगी। वहीं, कांग्रेस के पास एक सीट जीत के बाद भी 4 वोट बच सकते हैं। अगर क्रॉस वोटिंग नहीं होती है, तो नटराजन की राज्यसभा की राह बेहद आसान है।
कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया कि विधायक पार्टी की राज्यसभा उम्मीदवार नटराजन के समर्थन में एकजुट हैं। और उन्होंने 18 जून को होने वाले द्विवार्षिक चुनाव में उनकी जीत को लेकर विश्वास जताया है। पार्टी में किसी प्रकार के मतभेद की अटकलों को खारिज करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दावा किया कि कांग्रेस विधायक पूरी तरह पार्टी के साथ खड़े हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को मजाकिया अंदाज में कहा था कि तीसरी सीट जाएगी कहां। इंदौर में मुख्यमंत्री से पूछा गया था कि क्या राज्यसभा की तीसरी सीट भी भाजपा के खाते में आएगी? इस सवाल पर यादव ने हल्के-फुल्के अंदाज में संवाददाताओं से कहा, ‘यह सीट आएगी मतलब जाएगी कहां?’ प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शुक्रवार को कहा था कि अगर भाजपा राज्यसभा चुनाव के लिए अपने तीसरे उम्मीदवार की घोषणा करती है, तो उसे भी जिताने की कोशिश की जाएगी।

