उत्तर प्रदेश में मानसून पूरीतरह सक्रिय हो गया है और इस बार असर भी व्यापक होगा। प्रदेश में गुरुवार से पूरब से पश्चिम तक लगभग 60 से अधिक जिलों में भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अलर्ट जारी किया गया है।
बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में ऐसी ही घनघोर बरसात की संभावना जताई है। लखनऊ और आसपास के जिलों में भी मध्यम से भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही करीब 24 जिलों में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव ने बताया कि देश के उत्तरी हिस्सों में मॉनसून की स्थिति काफी अनुकूल है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का एक क्षेत्र बना, जो तेज होकर डिप्रेशन में बदल गया और अब एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन गया है। उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होने का अनुमान है। 11 जुलाई तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के आगरा, इटावा और जालौन में भारी बारिश होगी।

