अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने रविवार को हिंदू धर्मसेना प्रमुख और पूर्व जिला पंचायत सदस्य संतोष दुबे से लंबी पूछताछ के दौरान बयान दर्ज किया। संतोष दुबे ने चढ़ावा चोरी से लेकर जमीन सौदों तक पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट पदाधिकारियों पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर कार्यालय में एसआईटी ने वर्चुअल पूछताछ की और आरोपों के संबंध में दस्तावेजी साक्ष्य मांगे हैं। संतोष दुबे का कहना है कि वह सभी आरोपों के संबंध में सोमवार को रिकार्ड एसआईटी को भेज देंगे।
राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे संतोष दुबे ने चढ़ावा चोरी के बाद कई फोरम पर ट्रस्ट और व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। मीडिया में भी उन्होंने खुलकर बात की और चोरी के आरोपियों को जेल भेजने की मांग उठाई है। वह ऐसे आरोप लगातार लगा रहे हैं और जांच की मांग उठा रहे हैं। एसआईटी ने रविवार को उन्हें पुलिस के जरिए पूछताछ के लिए बुलाया। क्षेत्राधिकारी नगर कार्यालय में उनसे करीब आधा घंटे तक आरोपों के संबंध में सिलसिलेवार पूछताछ की। एसआईटी सदस्य किरण एस ने आरोपों के बारे में सवाल पूछे।
उन्होंने एसआईटी को बताया कि मंदिर में चोरी तो बहुत दिनों से हो रही थी। इसे नजरंदाज करने वाले लोगों पर कार्रवाई के बजाय छोटे कर्मचारियों को मोहरा बना दिया गया। जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। एसआईटी सदस्यों ने पूछा कि इन आरोपों के संबंध में आपके पास क्या दस्तावेज हैं। उन्होंने बताया कि सभी रिकार्ड उनके पास सुरक्षित हैं और एसआईटी को भेज रहे हैं।
उन्होंने जमीन सौदों का सिलसिलेवार ब्योरा पेश किया। इसके अलावा ट्रस्ट के सदस्यों पर भी गंभीर आरोप लगाए। देर शाम बयान दर्ज कराकर निकले संतोष दुबे ने हिन्दुस्तान को बताया कि एसआईटी ने आरोपों के संबंध में पूछताछ की है। उन्होंने उससे जुड़े रिकॉर्ड मांगे हैं। सभी दस्तावेज सोमवार को लखनऊ भेज दिए जाएंगे। संतोष दुबे ने कहा कि अपराधियों को दंड मिले चाहे मेरा कोई सगा संबंधी क्यों न हो। यदि मेरे आरोप गलत हैं तो मैं दंड भुगतने के लिए तैयार हूं। अयोध्यावासियों पर यह कलंक मिटना चाहिए, मुझे जहां भी जाना पड़ेगा, जाऊंगा।

