लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर 120 की स्पीड से वाहन दौड़ाने का इंतजार अब खत्म होने वाला है। आज रक्षामंत्री राजनाथ सिंह द्वारा इसका लोकार्पण कर दिया जाएगा। उनके साथ केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी होंगे। अगले दिन यानी मंगलवार की सुबह आठ बजे से एक्सप्रेस वे को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। आधुनिक तरीके से तैयार इस एक्सप्रेस वे पर छोटे चार पहिया वाहनों की अधिकतम स्पीड 120 तो भारी वाहनों की स्पीड 80 किमी प्रति घंटे निर्धारित की गई है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर छह स्थानों पर इंटरजेंच बनाए गए हैं, जहां से लोग एक्सप्रेस वे पर प्रवेश और निकासी कर सकेंगे। लखनऊ में दारोगाखेड़ा के पास मेन टोल, बनी और हरौनी में इंटरचेंज बनाए गए हैं। उन्नाव जिले में अजगैन और अमरसास में इंटरचेंज हैं। कानपुर में आजाद चौक पर मेन टोल गेट और इंटरचेंज हैं।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और दोपहिया वाहन प्रतिबंधित हैं। सिर्फ चार पहिया और भारी वाहन ही इस पर जा सकते हैं। पुराने नेशनल हाईवे-25 पर लखनऊ से कानपुर जाने में 2.5 से 03 घंटे लगते थे। एनई-6 पर यह सफर अब 35 से 45 मिनट में पूरा होगा।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर प्रवेश करते समय ही ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकोगनिशन (एएनपीआर+एआई) कैमरे वाहन की फोटो खीचेंगे और एआई की मदद से नंबर पढ़ेगा। साथ में लगा रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) रीडर फास्टैग को रीड कर सिस्टम को भेजेगा। वहां से वाहन का टोल अपने आप सिस्टम काट लेगा।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर लखनऊ के सांसद व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 51 किलोमीटर सफर करेंगे। इससे पहले दोनों एक्सप्रेस वे के 51 किमी पर उन्नाव जिले में स्थित नेवरना-पड़रीखुर्द में आयोजित समारोह में शामिल होंगे। नेवरना-पड़रीखुर्द में ही कानपुर की तरफ से आने वाली साइड में एक्सप्रेस वे का रेस्ट एरिया बनाया जाएगा। इसके लिए यहां पर दो एकड़ से अधिक जमीन छोड़ी गई है। वहीं पर समारोह का आयोजन किया जाएगा।

