पेट्रोल और डीजल की तरह एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी आज शनिवार कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। कीमतें पुराने स्तर पर ही बरकरार हैं। आखिरी बार घरेलू एलपीजी सिलेंडर का रेट जून में बढ़ाया गया था। तब ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एक सिलेंडर का दाम 29 रुपये बढ़ा दिया था। युद्ध शुरू होने के बाद यह दूसरी बार था जब एलपीजी सिलेंडर का दाम बढ़ा हो। इससे पहले मार्च के महीने में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का रेट 60 रुपये बढ़ा था। हालिया बढ़ोतरी के बाद देश के कई शहरों में सिलेंडर का रेट 1000 रुपये को क्रॉस कर गया है।
नई दिल्ली – 942 रुपये
मुंबई – 941.50 रुपये
चेन्नई – 957.50 रुपये
नोएडा – 939.50 रुपये
बेंगलुरू – 915.50 रुपये
भुवनेश्वर – 968 रुपये
चंडीगढ़ – 951.50 रुपये
हैदराबाद – 994 रुपये
जयपुर – 945.50 रुपये
लखनऊ – 979.50 रुपये
पटना -1031 रुपये
तिरुअनंतपुरम् – 951 रुपये
आज शनिवार को कॉमर्शियल सिलेंडर के रेट में कोई भी बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, युद्ध शुरू होने के बाद से कई बार कॉमर्शियल सिलेंडर का रेट बढ़ाया जा चुका है। जिसकी वजह से कीमतें सातवें आसमान पर हैं।
बेंगलुरू – 3198 रुपये
नई दिल्ली – 3113.50 रुपये
मुंबई – 3067.50 रुपये
हैदराबाद – 3367 रुपये
चेन्नई – 3283 रुपये
कोलकाता – 3255.50 रुपये
गुरुग्राम – 3130 रुपये
नोएडा – 3113.50 रुपये
भुवनेश्वर – 3290 रुपये
चंडीगढ़ – 3136 रुपये
जयपुर – 3141 रुपये
लखनऊ – 3236 रुपये
पटना – 3400 रुपये
तिरुअनंतपुरम् – 3152 रुपये
भारत अपनी जरूरत का 90 प्रतिशत एलपीजी सिलेंडर विदेशों से मंगाता है। ऐसे में वैश्विक स्तर पर बढ़े तनाव का असर भारत की आपूर्ति पर पड़ा है। युद्ध की वजह से भारत ने अपनी निर्भरता किसी एक देश पर कम की है। अब मौजूदा समय में गैस को कई देशों से इम्पोर्ट किया जा रहा है। इसके अलावा घरेलू स्तर पर भी एलपीजी सिलेंडर के प्रोडक्शन को बढ़ाया गया है।
देश में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बनी रहे इसके लिए केंद्र सरकार ने नियमों में भी काफी कड़ाई की है। अब गांव में 25 दिन और शहरों में 45 दिन से पहले एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग नहीं की जा सकती है। सिलेंडर की डिलीवरी पूरी तरह से ओटीपी आधारित हो गई है।

