उत्तर प्रदेश के सीतापुर में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ.गोरखनाथ पटेल ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) की सैलरी रोक दी है। जिले में क्लास वन से 12वीं तक के परिषदीय, अनुदानित, मान्यता प्राप्त स्कूलों और मदरसों के 02.30 लाख बच्चों की अपार आईडी अभी तक नहीं बन पाई है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेंद्र सिंह और बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने नाराजगी जताते हुए शिक्षकों और अधीनस्थों को चेतावनी दी है और जल्द से जल्द यह काम पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने बताया कि कक्षा एक से लेकर 12 तक संचालित सभी स्कूलों और मदरसों में पढ़ने वाले कुल 08.20 लाख नामांकित विद्यार्थियों में से 05.87 लाख छात्रों के अपार आईडी का काम पूरा हो चुका है। हालांकि, अब भी 02.30 लाख विद्यार्थियों के आवेदन प्रक्रियाधीन या लंबित हैं।
अपार आईडी बनाने में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और बेसिक एडेड स्कूल सबसे आगे हैं। केजीबीवी में पंजीकृत 2,377 छात्रों में से 2,123 की आईडी बन चुकी है। यहां पर 89.31 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इसी तरह बेसिक एडेड स्कूलों के 14,578 में से 13,013 विद्यार्थियों की अपार आईडी का कार्य पूर्ण हो चुका है। जो कि 89.26 प्रतिशत है। वहीं माध्यमिक एडेड 85.37 प्रतिशत, राजकीय 81.59 प्रतिशत और परिषद 81.30 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर चुके हैं। इन विद्यालयों का प्रदर्शन भी काफी बेहतर रहा है। परिषद क्षेत्र में सबसे अधिक 3,95,207 छात्र पंजीकृत थे, जिनमें से 3,21,301 के आईडी जनरेट किए जा चुके हैं।
वहीं, विकासखंड गोंदलामऊ के प्राथमिक विद्यालय लोहंगपुर में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना के संचालन में बरती जा रही अनियमितताओं को लेकर बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने बीईओ सीमी निगार को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की है। साथ ही प्रभारी प्रधानाध्यापिका के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है।
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हडकंप मच गया। बीएसए ने यह कार्रवाई स्कूल में नियमित एमडीएम न बनने और एमडीएम की जगह बच्चों को बिस्किट बांटने की घटना का संज्ञान लेते हुए की है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में निर्धारित मेनू और शासनादेश के अनुरूप एमडीएम का संचालन नियमित रूप से नहीं किया जा रहा था। इससे पूर्व भी प्रभारी प्रधानाध्यापिका निकहत फातिमा को इस संबंध में पत्र जारी कर चेतावनी भी दी गई थी। बावजूद इसके योजना के संचालन में लापरवाही पाई गई। प्रभारी प्रधानाध्यापिका निकहत फातिमा के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति के साथ जांच के निर्देश दिए हैं। यह जांच बीईओ मुख्यालय व जिला समन्वयक एमडीएम को सौंपी गई है। वहीं दूसरी ओर पर्यवेक्षण में ढिलाई बरतने के आरोप में बीईओ सीमी निगार को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई है। उनका कहना है कि, एमडीएम के तहत बच्चों के पोषण और मानकों में समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीतापुर के परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की गुणवत्ता सुधारने और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए बीएसए ने बड़ा कदम उठाया है। अब सभी खंड शिक्षा अधिकारी, प्रधानाध्यापक और शिक्षक स्कूली बच्चों के साथ बैठकर मध्याह्न भोजन ग्रहण करेंगे। केवल भोजन करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि स्कूल के नाम सहित जीओटैग फोटो खींचकर विभाग के आधिकारिक ग्रुप पर शेयर करनी होगी। बीईओ और जिला समन्वयक विद्यालय खुलने से लेकर मध्यावकाश (इंटरवल) तक क्षेत्रों में रहेंगे और किसी न किसी स्कूल में बच्चों के साथ एमडीएम खाएंगे। उन्होंने नियम का उल्लंघन करने पर विभागीय कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।
बीएसए डॉ.गोरखनाथ पटेल ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार कम प्रगति वाले विभागों से समन्वय स्थापित कर, निजी औ मदरसा संस्थानों में अभियान चलाकर शेष छात्रों के अपार आईडी जल्द से जल्द जारी करवाई जा रही है। 72 प्रतिशत बच्चों की अपार आईडी बन चुकी है।

