सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर में जनता दर्शन के दौरान एक महिला की शिकायत सुनने के बाद अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी साफ तौर जाहिर की। सीएम योगी ने जमीन संबंधी मामलों में उदासीनता या लापरवाही करने वाले अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया। जनता दर्शन के दौरान जब एक महिला ने उन्हें अपनी यह पीड़ा सुनाई कि दबंग यह धमकी देते हुए रास्ता नहीं दे रहे हैं कि चाहे जहां शिकायत कर लो तो सीएम ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया। उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला को रास्ता दिलवाया जाए। यदि रास्ता दिलवाने में लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार खुद को लाचार मानते हों तो उन सबको सस्पेंड कर दिया जाए।
सीएम योगी ने जनता दर्शन में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों को यह भी आदेश दिया कि जहां भी जमीन संबंधी मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर हीलाहवाली मिले तो वहां संबंधित कार्मिक और अधिकारी के खिलाफ सख्त ऐक्शन लिया जाए। प्रकरण की गंभीरता के अनुसार संबंधित के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी की जाए। सीएम योगी ने कहा कि किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनता दर्शन में इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार इलाज में पूरी मदद करेगी। इसके लिए जरूरतमंद लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाएगा और इसके बाद भी जरूरत पड़ी तो विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जरूरतमंद, पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।

