राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद इस्तीफा दे चुके श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव और विहिप के अन्तर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपतराय का एक और पत्र वायरल हुआ है। अब दूसरे पत्र में ट्रस्ट द्वारा लेन-देन की व्यवस्था के अलावा ट्रस्ट की आंतरिक व्यवस्था की जानकारी दी है। उन्होंने दावा किया है कि मंदिर ट्रस्ट की ओर से सरकार के किसी टैक्स में चोरी नहीं की गई। सभी लेन-देन में सभी सरकारी नियमों का पालन होता है। न्यास से जुड़े सभी सरकार के सभी विभागों के टैक्स जीएसटी, टीडीएस, रजिस्ट्री स्टांप ड्यूटी, लेबर सेंस, पीएफ और ईएसआई जमा कराए जाते हैं। चंपत राय का पहला पत्र सात जुलाई को ट्रस्ट की बैठक के बाद सोशल मीडिया पर आया था।
एक दिन पहले ही दान चोरी के लिए बनी एसआईटी ने अपनी फाइनल रिपोर्ट शासन को सौपी थी। वहां से रिपोर्ट ट्रस्ट को कार्यवाही के लिए दे दी गई है। हालांकि अभी तक ट्रस्ट की तरफ से कोई नई कार्यवाही सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि एसआईटी ने चंपत राय को क्लीन चिट दे दी है। उनका नाम रिपोर्ट में नहीं है। इसी के बाद चंपत राय का पत्र वायरल होना कई चर्चाओं को जन्म दे रहा है। उनके दोबारा ट्रस्ट में शामिल होने की भी सबसे ज्यादा चर्चा है। ट्रस्ट की दो सितंबर को बैठक होने वाली है।
बताया गया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (ट्रस्ट) के खाते तीन बैंकों में हैं, जिसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं। ट्रस्ट ने बैंक से कोई चेक बुक नहीं लिया। सभी भुगतान ऑनलाइन (आरटीजीएस) पद्धति से ही होता है। आंतरिक ऑडिट दिल्ली की ही एक ऑडिट फर्म द्वारा और वैधानिक अंकेक्षण भी दिल्ली की ही दूसरी फर्म वी. शंकर अय्यर द्वारा किया जाता है।
पूर्व महासचिव चंपतराय ने पत्र में दावा किया कि देश के शायद ही किसी मंदिर में अधिकतम संख्या में सर्वाधिक सुविधा से न्यूनतम समय में सुव्यवस्थित दर्शन होता होगा। मंदिर में हर दशर्नार्थियों को हर निकास मार्ग पर भगवान का प्रसाद पैकेट निःशुल्क दिया जाता है। यहां रोज करीब 75 हजार दर्शनार्थी दर्शन कर रहे हैं, लेकिन कभी दुर्घटना नहीं हुई। इसके लिए पुलिस प्रशासन प्रशंसा की पात्र है। यहां दर्शनार्थियों के लिए अलग-अलग आठ लेन हैं, जो बीच में क्रास नहीं है। उन्होंने बताया कि यात्रियों के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं नि:शुल्क है। इच्छित समूह राम मंदिर में अनुष्ठान और कार्यक्रम की इच्छा रखते हैं तो उन्हें भी ट्रस्ट द्वारा नि:शुल्क व्यवस्था दी जाती है।

