संवैधानिक अधिकार बचाओ-भाईचारा बनाओ रैली में आजाद समाज पार्टी के संस्थापक और नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि आने वाले पंद्रह दिन में उत्तर प्रदेश का माहौल बदलने वाला है। आप भी कमर कस लो। कमजोरों की एकता इस सरकार को उखाड़ फेंक सकती है। रविवार को जीआईसी मैदान में हुई रैली में चंद्रशेखर ने रामलीला मैदान की अनुमति न मिलने पर सरकार पर निशाना साधा।
कहा कि हमसे जगह छीनी जा सकती है, लेकिन हमें लोगों के दिलों से नहीं निकाला जा सकता। आज इसका परिणाम दिख रहा है। चारों ओर नीला समंदर है। यह पहला आंदोलन है, जिसमें सभी जाति और धर्म के नेता एक मंच पर हैं। उन्होंने परंपरागत राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कई दलों में सांसद और विधायक तो बन जाते हैं, लेकिन अपने ही समाज की आवाज तक नहीं उठा पाते। उन्होंने दो अप्रैल 2018 के आंदोलन को याद करते हुए कहा कि उस समय जिलाधिकारी कार्यालय आगरा पर नीला झंडा देखा था। उस दौरान जिन साथियों ने बलिदान दिया या जेल गए, उन्हें भुलाया नहीं जा सकता।
सांसद ने ऐलान किया कि 2027 में सत्ता परिवर्तन होते ही शाम तक झूठे मुकदमे वापस लिए जाएंगे। लाठी-खाने वालों का सम्मान किया जाएगा। सभा में मौजूद भारी भीड़ की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर यह चेतना सत्ता की ओर मुड़ गई तो वह दिन दूर नहीं जब लखनऊ के कालीदास मार्ग पर एक अंबेडकरवादी, बहुजनवादी और संविधानवादी मुख्यमंत्री बैठेगा। बाबा साहेब ने समाज के लिए कमाई का हिस्सा खर्च करने की बात कही थी। हम सरकार में आए तो शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार करेंगे। इलाज के अभाव में किसी की जान नहीं जाने दी जाएगी। हजार रुपये में पूरा इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पिछले 75 साल से सिर्फ लच्छेदार बातें हुई हैं। अब आज़ाद समाज पार्टी रोजगार देने का काम करेगी। कानून-व्यवस्था पर पर कहा कि अगर कोई अपराधी बहन-बेटियों पर बुरी नजर डालेगा तो उसे सख्त सजा मिलेगी। एक की जगह दो गोली मारी जाएंगी। महंगाई, गिरते रुपये और बढ़ती बेरोजगारी पर पर कहा कि अमीरों की तिजोरियों में जमा भ्रष्टाचार का पैसा निकालकर गरीबों के कल्याण में लगाया जाएगा।
उन्होंने आगरा के जूता उद्योग में जीएसटी और छापेमारी के नाम पर हो रहे उत्पीड़न का मुद्दा उठाया और कहा कि सत्ता बदलने पर एक-एक पैसे का हिसाब होगा। यूजीसी के नए नियमों, न्यायपालिका पर दबाव और गरीबों की जमीन छीने जाने के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को चेतावनी दी। कहा कि आगरा कमजोरों की राजधानी है और अगर सच्चे अंबेडकरवादियों को ताकत मिली तो गुंडागर्दी का माहौल अपने आप खत्म हो जाएगा।
सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार धर्म की बात करती है। अपने धर्म के शंकर्राचार्यों के साथ कैसा व्यवहार कर रही है। प्रयागराज इसका उदाहरण है। जिस तरह से उनके शिष्यों की चुटिया पकड़-पकड़ कर खींचा गया। इस बात का उदाहरण है कि जब सत्ता तानाशाह हो जाती है तो पहले उसी का उत्पीड़न करती है, जिसने उसे सत्ता में ला कर बैठाया।
रैली के दौरान करीब पंद्रह से बीस हजार की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जनसैलाब से आयोजन स्थल पर अव्यवस्थाएं फैल गईं। उत्साहित समर्थकों ने बेरिकेडिंग तोड़ दी। वहीं धक्कामुक्की के बीच कई कुर्सियां भी क्षतिग्रिस्त हो गईं। अपने नेता की एक झलक पाने की होड़ में कई युवा होर्डिंग के पोल और आसपास के पेड़ों पर चढ़ गए। स्थिति बिगड़ती देख मंच से चंद्रशेखर ने लोगों से संयम और सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्साह जरूरी है, लेकिन सुरक्षा सबसे पहले है।

