ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने रविवार को घोषणा की कि उसने त्बिलिसी (जॉर्जिया) और अल्माटी (कजाकिस्तान) के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। कंपनी ने बताया कि सोमवार को कुछ उड़ानें ईंधन भरने के लिए दोहा (कतर) में रुक सकती हैं। इंडिगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि 25 जनवरी 2026 को दिल्ली से त्बिलिसी और मुंबई से अल्माटी तथा वापसी की उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। कंपनी ने आगे बताया कि ईरान के आसपास के हालिया घटनाक्रमों को देखते हुए सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उड़ान समय-सारणी में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं। 26 जनवरी को त्बिलिसी, अल्माटी, बाकू (अजरबैजान) और ताशकंद (उज्बेकिस्तान) से आने-जाने वाली उड़ानें दोहा में संक्षिप्त ठहराव के साथ ईंधन भर सकती हैं।
इंडिगो ने पोस्ट में कहा कि ईरान के आसपास की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए हमारी कुछ उड़ानों में यात्रा समय बढ़ सकता है या वे रद्द भी हो सकती हैं। सुरक्षा पर हमारे निरंतर ध्यान के तहत ये एहतियाती और सक्रिय कदम उठाए जा रहे हैं। हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और आवश्यकतानुसार उड़ानों में चरणबद्ध बदलाव या रद्दीकरण किया जा सकता है। हम ग्राहकों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए नियमित अपडेट जारी करते रहेंगे। कृपया अपनी उड़ान की स्थिति नियमित रूप से जांचें। यदि आपकी उड़ान प्रभावित हुई है, तो हमारी वेबसाइट के माध्यम से आसानी से वैकल्पिक विकल्प प्राप्त कर सकते हैं। आपके धैर्य और सहयोग के लिए धन्यवाद।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान पर कड़ी नजर रख रहा है, क्योंकि नौसेना का एक ‘विशाल बेड़ा’ खाड़ी क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। दावोस (स्विट्जरलैंड) में विश्व आर्थिक मंच में भाग लेने के बाद एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने इस महत्वपूर्ण नौसैनिक तैनाती का जिक्र किया, जिसका उद्देश्य ईरान के नेतृत्व पर दबाव बनाए रखना बताया। ट्रंप ने कहा कि हम ईरान पर नजर रख रहे हैं, और यह नौसैनिक बेड़ा एक निवारक के रूप में काम कर रहा है। मैं नहीं चाहता कि कोई अप्रिय घटना हो, लेकिन हम उन पर कड़ी नजर रख रहे हैं।
इससे पहले, ईरान के सरकारी टेलीविजन ने हालिया सरकार-विरोधी प्रदर्शनों में मरने वालों की पहली आधिकारिक संख्या जारी की थी। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, दमन के दौरान 3,117 लोग मारे गए। हालांकि, अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी (HRANA) ने दावा किया है कि प्रदर्शनों की इस लहर में 4,519 लोग मारे गए, जिनमें 4,251 प्रदर्शनकारी, 197 सुरक्षाकर्मी, 18 वर्ष से कम उम्र के 35 लोग और 38 ऐसे दर्शक शामिल हैं जो न तो प्रदर्शनकारी थे और न ही सुरक्षाकर्मी। एचआरएएनए ने यह भी कहा कि इसके अलावा 9049 मौतों की समीक्षा चल रही है।

