यूपी विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। तय कार्यक्रम के मुताबिक बजट सत्र के लिए 20 फरवरी तक का कार्यक्रम जारी किया गया है। सत्र के पहले दिन राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का अभिभाषण होगा। पहले दिन ही सदन में 11 विधेयक को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। विधानसभा का बजट सत्र हंगामी होने के आसार है। सपा और कांग्रेस ने सरकार को एसआईआर, प्रदेश की कानून व्यवस्था, केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका से किए जा रहे ट्रेड डील के मसले पर घेरने की तैयारी की है।
विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार को 11 बजे शुरू होगा। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद अध्यादेशों, अधिसूचनाओं, नियमों आदि को सदन की पटल पर रखा जाएगा। मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही विधायक के निधन पर शोक बाद स्थगित हो जाएगी। इसके अगले दिन 11 फरवरी को यूपी सरकार का बजट आएगा।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा बजट पढ़ा जाएगा। विधानसभा के बजट सत्र में विरोधी दलों ने जहां सरकार को घेरने की तैयारी की है, वहीं सरकार की ओर से जवाब देने के लिए पुरी तरह से मुस्तैद रहेगी। कुल मिलाकर बजट सत्र में जोरदार हंगामे के आसार हैं।
उधर, सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बजट सत्र से एक दिन पहले रविवार को विधायकों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा, अमेरिका के साथ ट्रेड डील से खेती किसानी पर संकट आएगा। सपा विधायक बजट सत्र में बढ़ती मंहगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी व अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरेंगे।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विधायकों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में जुटे रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने रविवार को भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में कहा कि बजट सत्र के दौरान भी सभी विधायक अपना कार्यालय खोलें और एसआईआर का काम प्रभावित न होने दें। बैठक में दोनों उप मुख्यमंत्री, यूपी भाजपा के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह और विधायकगण भी मौजूद रहे। ब्योरा P04
विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने दलीय नेताओं की बैठक में कहा है कि सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर देर शाम तक सदन की कार्यवाही संचालित की जाएगी, ताकि प्रत्येक सदस्य को अपनी बात रखने का अवसर मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि पूर्व के इतिहास पर दृष्टि डाली जाए तो विगत चार वर्षों में इस विधानसभा में सर्वाधिक चर्चा हुई है। विधान सभा अध्यक्ष ने सभी दलों के नेताओं से अनुरोध किया कि वे अपने-अपने पक्ष को सदन में शालीनता एवं संसदीय मर्यादा के अंतर्गत रखें और प्रेमपूर्ण वातावरण में बहस करें।

