राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विक्रम रॉकेट अंतरिक्ष यात्रा का प्रतीक बना। यह दिखाता है कि हौंसला है तो कामयाबी मिलती है। पीएम ने प्राइवेट सेक्टर को भी इसमें जोड़ा है, रॉकेट बनाने वालों में 26 से 30 वर्ष के युवा हैं। यह सब विश्व को भारत की प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं। सफलता संयोग से नहीं, निर्णय से मिलती है। युवाओं से आग्रह किया कि बड़े सपने देखिय, भविष्य उनका होता है जो अवसर का निर्माण करते हैं। यही विश्वास के साथ भारत आगे बढ़ रहा है।