लखनऊ में इस माह मौसम का उतार चढ़ाव जारी रहने का पूर्वानुमान है। उदाहरण के लिए एक दिन पहले लखनऊ का न्यूनतम तापमान 14.3 था जो बुधवार को लुढ़कर 10.9 पर आ गया। इसके पूर्व तापमान दो दिन पहले 7.0 डिग्री तक आ गया था। उसके पहले 6 से 15 और उससे गिरकर 11 पर आ गया था। अधिकतम तापमान की भी यही स्थिति है। इसकी वजह पश्चिमी विक्षोभ हैं जो लगातार आ रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार इस माह विक्षोभ जारी रहेंगे। 10 तारीख तक दो और विक्षोभ आ रहे हैं लेकिन वर्षा नहीं होगी। बावजूद इसके तापमान बढ़ेगा।
पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद तेज सतही हवा चलेगी जो कि तेजी से तापमान गिराने के साथ गलन बढ़ाएगी। बीते 24 घंटों के दौरान कल यूपी से निकले पश्चिमी विक्षोभ के बाद का प्रभाव दिखने लगा। दिन का तापमान गलन भरी हवा की वजह से 1.3 डिग्री नीचे आ गया जो कि 22.7 रहा। शहर का अधिकतम तापमान सोमवार को 26 डिग्री के पार पहुंच गया था। मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार ये दोनों ही विक्षोभ यूपी में असर नहीं दिखाएंगे।
सुबह घना कोहरा, दोपहर में धूप और फिर शाम को गलन। इसमें पश्चिमी विक्षोभ के बाद का असर तो दिखाई दिया लेकिन मौसम के बदलाव का संकेत भी मिल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के जाने के बाद मैदानी इलाकों में कोहरा फिर दिखने लगा है। प्रदेश के कई जिलों में कोहरा इतना घना रहा कि दृश्यता शून्य हो गई। अगले दो से तीन दिनों में यह कोहरा बना रहने की संभावना है। धीरे-धीरे यह हल्का पड़ सकता है।
धूप खिलने से अधिकतम तापमान बढ़ा लेकिन यह सामान्य से कम रहा। हवा की दिशा पूरी तरह उत्तर पश्चिमी नहीं रही। दक्षिण-पश्चिमी हवाएं दिन भर चलती रहीं। धूप के बाद शाम होते ही गलन भरी सर्दी शुरू हो गई। तेज धूप के बावजूद सर्दी का अहसास दिन में भी बना रहा। अब उत्तर-पश्चिमी तेज हवाएं चलेंगी। पहाड़ों पर अभी भी हल्की से मध्यम बर्फबारी का असर आगे भी दिखता रहेगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तरी हरियाणा में बना विक्षोभ बेहद कमजोर है। अगला विक्षोभ 05 से 06 फरवरी के बीच और फिर 09 से 10 फरवरी के बीच एक नया विक्षोभ आएगा।

