मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही और अनियमितता मिलने के मामले में यूपी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने अमेठी के प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी नलिन राज को तात्कालिक प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।जिले के समाज कल्याण अधिकारी मनोज कुमार शुक्ला के निलंबन के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास ) नलिन राज को समाज कल्याण अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था। नलिन राज द्वारा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में गड़बड़ियों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। शासन को प्राप्त शिकायतों और जांच में यह तथ्य सामने आया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित कार्यक्रमों के लिए निविदा प्रक्रिया में शामिल एक फर्म द्वारा प्रस्तुत अनुभव प्रमाण-पत्र कूटरचित और फर्जी था। इसके बावजूद संबंधित अधिकारी ने न तो इस पर कोई कार्रवाई की और न ही मामले को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में सही ढंग से लाया।
अरोप है कि उच्चाधिकारियों को तथ्यहीन और भ्रामक सूचनाएं देकर गुमराह किया गया। इतना ही नहीं, शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण और लाभार्थीपरक मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का आयोजन निर्धारित दो तिथियों में पूर्ण नहीं कराया गया। इसे शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही माना गया है। इन्हीं आरोपों के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। साथ ही विभागीय जांच संस्थित करते हुए मामले की जांच के लिए उपनिदेशक, निदेशालय समाज कल्याण आरपी सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है। निलंबन अवधि में नलिन राज निदेशालय समाज कल्याण उत्तर प्रदेश लखनऊ से संबद्ध रहेंगे।
मामले में गड़बड़ियों की सुगबुगाहट आने के साथ ही नलिन राज लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। परियोजना निदेशक डीआरडीए ऐश्वर्य यादव को समाज कल्याण विभाग का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।

